सूखा रहा रक्षाबंधन का दिन, लेकिन घरों से बाजार और शिवालयों तक बरसा उल्लास
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भाई-बहन के स्नेह के साथ श्रावण की विदाई; शिवालयों में उमड़ी श्रद्धा, बहनों ने रोडवेज में निशुल्क किया सफर, बाजारों में नारियल-मिठाइयों की खूब बिक्री
उदयपुर, 28 अगस्त: आसमान में बादल तो छाए रहे, लेकिन रक्षाबंधन के दिन बारिश नहीं हुई। इसके बावजूद भाई-बहन के स्नेह, आस्था और उल्लास से शहर से लेकर गांवों तक त्योहार की रंगत देखते ही बनी। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी, मुंह मीठा कराया और भाइयों ने बहनों को उपहार देकर उनके सुख-समृद्धि की कामना की। रक्षाबंधन के साथ ही श्रावण मास की विदाई भी हुई। श्रावण पूर्णिमा पर विभिन्न स्थानों पर श्रावणी उपाकर्म और धार्मिक अनुष्ठान हुए।
शिवालयों में विशेष श्रृंगार, उमड़ी श्रद्धा
श्रावण के अंतिम दिन शिवालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही रही। गिंगला कुंड, नीलकंठ महादेव, महाकालेश्वर और एकांतियाजी मंदिरों में भगवान शिव का आक, कनेर और गुलाब सहित विभिन्न पुष्पों से विशेष श्रृंगार किया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान आशुतोष को बेलपत्र, धतूरा और विजया अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिरों में दिनभर धार्मिक वातावरण बना रहा।
बहनों के लिए रोडवेज यात्रा निशुल्क
रक्षाबंधन पर बहनों को भाइयों के घर पहुंचाने के लिए परिवहन विभाग की ओर से रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा दी गई। इसके चलते बसों में दिनभर यात्रियों की अच्छी-खासी भीड़ रही। कई बहनों ने इस सुविधा का लाभ उठाकर अपने मायके का सफर किया।
बाजारों में रौनक, 50 रुपए तक पहुंचा नारियल
रक्षाबंधन को लेकर बाजारों में भी खूब चहल-पहल रही। राखियों के साथ मिठाइयों और पूजा सामग्री की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ रही। बहनों ने भाइयों के लिए मिठाइयां और श्रीफल यानी नारियल खरीदे। नारियल की मांग बढ़ने से शहरी क्षेत्रों में इसके भाव 40 से 50 रुपए तक पहुंच गए।

