चांदीपुरा वायरस से ही हुई थी डूंगरपुर की 2 बच्चियों की मौत
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गुजरात में इलाज के दौरान तोड़ा दम, डूंगरपुर के रतनपुरा में 75 घरों का सर्वे; बच्चों की स्क्रीनिंग तेज
डूंगरपुर, 24 जुलाई: गुजरात में इलाज के दौरान राजस्थान की दो मासूम बच्चियों की चांदीपुरा वायरस (सीएचपीवी) से मौत की पुष्टि हुई है। इसके बाद राजस्थान का स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। डूंगरपुर के रतनपुरा गांव की छह वर्षीय बच्ची और सिरोही जिले की दो वर्षीय बच्ची का उपचार गुजरात के अस्पतालों में चल रहा था, जहां दोनों की मौत हो गई। लैब रिपोर्ट में चांदीपुरा वायरस की पुष्टि होने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में विशेष निगरानी शुरू कर दी गई है।
डूंगरपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अलंकार गुप्ता ने बताया कि रतनपुरा गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 75 घरों का सर्वे कर बच्चों की स्वास्थ्य जांच की, हालांकि अब तक कोई नया संदिग्ध मामला सामने नहीं आया है। विभाग ने 15 वर्ष तक के बच्चों की विशेष निगरानी के निर्देश दिए हैं। रैपिड रिस्पॉन्स टीमें तेज बुखार, उल्टी, दौरे और बेहोशी जैसे लक्षणों वाले बच्चों की जांच कर रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार रतनपुरा की बच्ची 12 जुलाई को बीमार हुई थी। उसे पहले सीमलवाड़ा, फिर गुजरात के मेघरज और मोडासा के निजी अस्पतालों में दिखाया गया। बाद में हिम्मतनगर सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 15 जुलाई को उसकी मौत हो गई। 23 जुलाई को गुजरात बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च सेंटर से आई रिपोर्ट में चांदीपुरा वायरस की पुष्टि हुई।
क्या है चांदीपुरा वायरस?
चांदीपुरा वायरस एक दुर्लभ लेकिन खतरनाक वायरल संक्रमण है, जो मुख्य रूप से बच्चों को प्रभावित करता है। यह वायरस आमतौर पर सैंड फ्लाई (रेतीली मक्खी) के माध्यम से फैलता है और तेज बुखार, उल्टी, दौरे, सुस्ती तथा दिमाग में सूजन (एक्यूट एन्सेफलाइटिस) जैसे गंभीर लक्षण पैदा कर सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने घर-घर सर्वे, स्कूलों में बच्चों की जांच और मवेशियों के आसपास कीटनाशक स्प्रे शुरू कराया है। लोगों से अपील की गई है कि बच्चों में ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत अस्पताल पहुंचें।
