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संघ का लक्ष्य: संगठन नहीं, सशक्त समाज का निर्माण

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संघ का लक्ष्य: संगठन नहीं, सशक्त समाज का निर्माण

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प्रमुख जन गोष्ठी में सेवा, समर्पण और सामाजिक समरसता पर जोर; नारी सम्मान को बताया सर्वोपरि
उदयपुर, 13 अप्रैल
: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, उदयपुर महानगर द्वारा सेवा भारती चिकित्सालय में आयोजित प्रमुख जन गोष्ठी में समाज निर्माण, सेवा भावना और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का संकल्प लिया गया। मुख्य वक्ता सह प्रांत प्रचारक डॉ. धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि संघ का उद्देश्य केवल संगठन विस्तार नहीं, बल्कि एक सशक्त, जागरूक और संगठित समाज का निर्माण करना है।
डॉ. सिंह ने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा, चिकित्सा और आवश्यक संसाधन पहुंचाना ही सच्ची सेवा है। उन्होंने स्वयंसेवी संस्थाओं को समाज सेवा की मजबूत आधारशिला बताते हुए कहा कि इनके माध्यम से ही वास्तविक बदलाव संभव है।
हिन्दुत्व हमारी पहचान, नारी सम्मान सर्वोपरि
उन्होंने कहा कि हिन्दुत्व भारत की आत्मा है और यही हमारी पहचान है। समाज में नारी को दैवी स्वरूप मानते हुए उन्होंने कहा कि जहां नारी का सम्मान होता है, वहीं ईश्वर का वास होता है। इसलिए समाज में नारी सुरक्षा और सम्मान को और मजबूत करने की आवश्यकता है।
पंच परिवर्तन से समाज सुधार का आह्वान
डॉ. सिंह ने ‘पंच परिवर्तन’—सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, स्वदेशी, नागरिक शिष्टाचार और पर्यावरण संरक्षण—को समाज परिवर्तन का आधार बताया। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के शिकागो धर्म संसद में दिए गए ऐतिहासिक संबोधन का उल्लेख करते हुए भारतीय संस्कृति की वैश्विक पहचान को रेखांकित किया। गोष्ठी में शिक्षा, चिकित्सा, पर्यावरण, महिला सशक्तिकरण और अन्य क्षेत्रों में कार्यरत संस्थाओं ने अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता पूजन से हुआ और समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया।

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