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नाबालिग को बालिग बताकर थाने में रखा, कोर्ट पहुंचते खुली पोल

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नाबालिग को बालिग बताकर थाने में रखा, कोर्ट पहुंचते खुली पोल

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24 घंटे हिरासत में रखने, मारपीट और टॉयलेट साफ करवाने के आरोप; जेजे कोर्ट की बजाय तहसीलदार कोर्ट में किया पेश
उदयपुर, 17 मई:
उदयपुर के भूपालपुरा थाना पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। मारपीट के एक मामले में पुलिस ने 16 साल 6 महीने के नाबालिग को बालिग बताकर गिरफ्तार कर लिया और करीब 24 घंटे तक थाने में रखने के बाद उसे गिर्वा तहसीलदार कोर्ट में पेश करने पहुंच गई। मामले का खुलासा तब हुआ जब जमानती कार्रवाई के दौरान वकील ने आरोपी का आधार कार्ड मांगा और उसमें उसकी उम्र नाबालिग निकली।
कोर्ट में मचा हड़कंप
आधार कार्ड सामने आते ही वकीलों ने पुलिस कार्रवाई पर आपत्ति जताई। तहसीलदार जब्बरसिंह चारण भी यह जानकर हैरान रह गए और जमानती कार्रवाई से इंकार कर दिया। कलेक्ट्रेट परिसर में करीब दो घंटे तक वकीलों, परिजनों और पुलिस के बीच बहस होती रही। बाद में किशोर को थाने से ही मुचलके पर छोड़ा गया। अब उसे सोमवार को किशोर न्याय बोर्ड (जेजे कोर्ट) में पेश किया जाएगा।
पुलिस पर गंभीर आरोप
वकील वीरेन्द्रसिंह राठौड़ ने आरोप लगाया कि पुलिस ने नाबालिग को 24 घंटे तक थाने में बंद रखा। उसके साथ मारपीट की गई और टॉयलेट तक साफ करवाए गए। किशोर ने भी आरोप लगाया कि उसने खुद को नाबालिग बताया था, लेकिन पुलिस ने उसकी बात अनसुनी कर दी।
सीआई नहीं दे पाए स्पष्ट जवाब
मामले में थानाधिकारी आदर्श कुमार परिहार से पूछने पर उन्होंने कहा कि आरोपी और उसके माता-पिता ने उम्र 18 वर्ष बताई थी। जब उनसे पूछा गया कि क्या पुलिस ने आधार कार्ड या कोई दस्तावेज जांचे थे, तो वे स्पष्ट जवाब नहीं दे सके।
नियमों की खुली अनदेखी
नियमानुसार किसी भी नाबालिग को गिरफ्तार नहीं बल्कि डिटेन किया जाता है और उसे किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया जाता है। ऐसे में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

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