उदयपुर में गूंजेगी सुर और अनुशासन की तान
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सैन्य बैंड वाद्य यंत्रों का विशेष प्रशिक्षण सोमवार से, युवाओं को मिलेगा अनोखा अवसर
उदयपुर, 10 अप्रैल: झीलों की नगरी उदयपुर में संगीत प्रेमियों के लिए एक नया अवसर सामने आया है, जहां सुर, ताल और अनुशासन का अनोखा संगम देखने को मिलेगा। गुलाब आरएमवी रोड स्थित अर्बुदा कला मंदिर संगीत प्रशिक्षण संस्थान में सोमवार से सैन्य बैंड वाद्य यंत्रों का विशेष प्रशिक्षण शुरू किया जा रहा है।
सैन्य बैंड के वाद्य यंत्रों का मिलेगा प्रशिक्षण
इस कार्यशाला में पुलिस, नेवी, आर्मी, बीएसएफ और सीआरपीएफ बैंड में उपयोग होने वाले वाद्य यंत्रों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रतिदिन शाम 5 से 7 बजे तक आयोजित होने वाले इस प्रशिक्षण में क्लैरिनेट, सैक्सोफोन, ट्रंपेट, ट्रॉम्बोन, बैगपाइपर, ड्रम, बेस ड्रम, साइड ड्रम और बिगुल जैसे वाद्य यंत्रों की प्रैक्टिकल और थ्योरी दोनों तरह की शिक्षा दी जाएगी।
अनुभवी प्रशिक्षक से मिलेगा मार्गदर्शन
संस्थान के निदेशक विवेक अग्रवाल के अनुसार, 26 वर्षों के अनुभवी प्रशिक्षक द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे प्रतिभागियों को तकनीकी दक्षता के साथ अनुशासन और प्रस्तुति की बारीकियां भी सीखने को मिलेंगी।
करियर के नए अवसर
प्रशिक्षण पूर्ण होने पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे। यह कार्यशाला उन युवाओं के लिए विशेष रूप से उपयोगी है जो बैंड संगीत में करियर बनाना चाहते हैं या सरकारी बैंड में शामिल होने की इच्छा रखते हैं। यह पहल उदयपुर में संगीत की विविध विधाओं को समृद्ध करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
