आदिवासी गुलाम नहीं, न्याय नहीं मिला तो गांव में घुसने नहीं देंगे : भगोरा
Share
गोगुंदा, झाड़ोल और कोटड़ा में जेल भरो आंदोलन; वनाधिकार पट्टों और रोजगार सहित कई मांगें उठाईं
उदयपुर, 10 अगस्त: किसान और मजदूर संगठनों के देशव्यापी जेल भरो आंदोलन के तहत आदिवासी संगठनों ने सोमवार को गोगुंदा, झाड़ोल और कोटड़ा में प्रदर्शन कर वनाधिकार पट्टे देने और आदिवासी हितों से जुड़ी मांगें उठाईं। गोगुंदा में सभा को संबोधित करते हुए आदिवासी जनाधिकार एका मंच के राज्य सचिव विमल भगोरा ने कहा कि आदिवासियों ने देश के इतिहास में महत्वपूर्ण योगदान दिया, लेकिन उन्हें अब तक न्याय नहीं मिला। उन्होंने कहा कि आदिवासियों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आत्मनिर्भरता के अवसर मिलने चाहिए।
प्रदर्शन के बाद वनाधिकार पट्टे, बिलानाम भूमि आवंटन, मनरेगा में 200 दिन काम और 600 रुपए मजदूरी, पेसा कानून लागू करने, आदिवासी आरक्षण, जल-जंगल-जमीन पर अधिकार, पेंशन बहाली और स्मार्ट मीटर रोकने सहित कई मांगों का ज्ञापन सौंपा गया। सभा में गुमान सिंह राव, देवाराम, प्रभुलाल भगोरा, प्रेम पारगी और शंकरलाल पारगी सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
66 हजार से ज्यादा दावे अस्वीकृत : संगठन
किसान सभा जिलाध्यक्ष जगदीश पारगी ने दावा किया कि फरवरी 2026 तक राजस्थान में वनाधिकार पट्टों के लिए 1,18,675 आवेदन मिले, जिनमें 51,775 स्वीकृत और 66,213 अस्वीकृत हुए। उदयपुर में 22,553 में से 12,758 आवेदन स्वीकृत और 9,775 अस्वीकार किए गए।

