LOADING

Type to search

वंदे गंगा अभियान समाप्त, फूटा तालाब अब भी उपेक्षा का शिकार

Local

वंदे गंगा अभियान समाप्त, फूटा तालाब अब भी उपेक्षा का शिकार

Share

कांग्रेस नेताओं ने जताई जनहानि और बाढ़ जैसे हालात की आशंका
गोपाल लोहार
उदयपुर, 5 जून:
राज्य सरकार का “वंदे गंगा जल संरक्षण-जन अभियान 2026” भले ही विश्व पर्यावरण दिवस पर संपन्न हो गया हो, लेकिन उदयपुर के हिरण मगरी सेक्टर-13 स्थित फूटा तालाब की स्थिति को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। देहात जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व महासचिव प्रदीप त्रिपाठी सहित कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि अभियान के दौरान भी तालाब क्षेत्र में फैले अतिक्रमण, मलबे और अवैध कच्ची सड़क को हटाने की दिशा में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अभियान का उद्देश्य जल संरक्षण, जल संरचनाओं का पुनर्जीवन, भूजल पुनर्भरण और पर्यावरण संरक्षण था, लेकिन फूटा तालाब इन प्रयासों से वंचित रहा। उनका आरोप है कि राजनीतिक दबाव और प्रशासनिक उदासीनता के कारण वर्षों से तालाब क्षेत्र में हुए स्थायी एवं अस्थायी अतिक्रमण जस के तस बने हुए हैं।
नेताओं ने दावा किया कि राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेशों के बावजूद तालाब क्षेत्र में अवैध निर्माण, भराव, बाउंड्री वॉल और अन्य अवरोध मौजूद हैं, जिससे प्राकृतिक जल निकासी और जल संचयन क्षमता प्रभावित हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मानसून से पहले अतिक्रमण और मलबा नहीं हटाया गया तो अतिवृष्टि की स्थिति में गंभीर जलभराव, दुर्घटनाएं और जनहानि की आशंका पैदा हो सकती है।
कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन से फूटा तालाब का मूल स्वरूप बहाल करने, सभी अवैध अतिक्रमण हटाने तथा जल संरक्षण अभियान के उद्देश्यों को धरातल पर लागू करने की मांग की है, ताकि भविष्य में पर्यावरणीय और मानवीय संकट से बचा जा सके।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *