देवास तृतीय-चतुर्थ परियोजना से पिछोला झील में पहुंचेगा पानी, इससे बुझेगी उदयपुर की प्यास
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उदयपुर, 5 अप्रैल: शहर की पेयजल समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में देवास तृतीय और चतुर्थ परियोजनाएं अहम भूमिका निभाने जा रही हैं। इन दोनों परियोजनाओं के पूरा होते ही पानी सीधे पिछोला झील तक पहुंचेगा, जिससे उदयपुर की प्यास बुझाने के साथ ही झीलों का जलस्तर सालभर बनाए रखने में मदद मिलेगी।
राज्य सरकार की बजट घोषणाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत जल संसाधन संभाग (बांसवाड़ा) के मुख्य अभियंता देवी सिंह बेनीवाल ने परियोजनाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने देवास तृतीय बांध से अकोदड़ा बांध तक बनने वाली सुरंग के कार्य की प्रगति का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्य अभियंता ने बताया कि देवास तृतीय परियोजना के तहत गोगुंदा तहसील के नाथियाथल गांव के पास 703 एमसीएफटी क्षमता का बांध बनेगा। यहां से 10.50 किमी लंबी सुरंग के माध्यम से पानी अकोदड़ा बांध (देवास द्वितीय) में पहुंचाया जाएगा, जहां से यह पानी सीधे पिछोला झील में छोड़ा जाएगा।
वहीं, देवास चतुर्थ परियोजना के अंतर्गत अंबावा गांव के पास 390 एमसीएफटी क्षमता का बांध बनेगा, जिसे 4.15 किमी लंबी सुरंग के जरिए देवास तृतीय से जोड़ा जाएगा।
इन दोनों परियोजनाओं के पूर्ण होने पर उदयपुर की प्रमुख झीलों—पिछोला, फतहसागर और स्वरूप सागर—का जलस्तर संतुलित रहेगा। इससे न केवल पेयजल संकट का दीर्घकालिक समाधान होगा, बल्कि पर्यटन गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी। निरीक्षण के दौरान अधीक्षण अभियंता मनोज जैन, सहायक अभियंता कुणाल मीटवानी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
