इमरजेंसी वैस्कुलर सर्जरी से 20 वर्षीय युवक को मिली नई जिंदगी
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लकड़ी काटने की मशीन से गर्दन की नस कटी, पारस हेल्थ के डॉक्टरों ने तीन घंटे की सर्जरी कर बचाई जान
उदयपुर, 6 अगस्त: चित्तौड़गढ़ के 20 वर्षीय युवक की गर्दन पर लकड़ी काटने वाली मशीन के ब्लेड से लगी गंभीर चोट के बाद पारस हेल्थ उदयपुर के डॉक्टरों ने इमरजेंसी वैस्कुलर सर्जरी कर उसकी जान बचा ली। हादसे में युवक की बाईं एक्सटर्नल जुगुलर नस पूरी तरह कट गई थी, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव होने के कारण उसकी हालत बेहद गंभीर हो गई थी।
प्राथमिक उपचार के बाद युवक को पारस हेल्थ, शोभागपुरा रेफर किया गया, जहां उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए तुरंत ऑपरेशन थिएटर ले जाया गया। कार्डियक एवं वैस्कुलर सर्जरी के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. संतोष गुप्ता के नेतृत्व में विशेषज्ञों की टीम ने करीब तीन घंटे तक चली इमरजेंसी सर्जरी कर क्षतिग्रस्त नस की मरम्मत की। इस दौरान मरीज को दो यूनिट रक्त भी चढ़ाया गया।
डॉ. संतोष गुप्ता ने बताया कि मरीज का रक्तचाप अत्यधिक गिर चुका था और 30 से 60 मिनट की देरी भी जानलेवा साबित हो सकती थी। सर्जरी में एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. नितिन कौशिक और प्लास्टिक सर्जन डॉ. सुमित सहगल ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पारस हेल्थ उदयपुर के फैसिलिटी डायरेक्टर अनुभव सुखवानी ने कहा कि समय पर निर्णय, विशेषज्ञों के समन्वय और उन्नत चिकित्सा सुविधाओं के कारण मरीज की जान बचाई जा सकी। सफल सर्जरी और पोस्ट-ऑपरेटिव देखभाल के बाद मरीज की हालत अब स्थिर है। चिकित्सकों के अनुसार नियमित फॉलो-अप और पुनर्वास के बाद उसके लगभग एक माह में पूरी तरह स्वस्थ होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि ऐसी वैस्कुलर चोटों में शीघ्र रेफरल और विशेषज्ञ उपचार जीवन बचाने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।

