पीटीआई सीधी भर्ती 2022: 30 और अभ्यर्थी एसओजी की रडार पर
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अब तक 29 पीटीआई बर्खास्त, बाहरी राज्यों की डिग्रियों की जांच के बाद होगा खुलासा
उदयपुर, 23 अप्रैल : शारीरिक शिक्षा अध्यापक (पीटीआई) सीधी भर्ती-2022 में फर्जी डिग्री और अंकतालिका प्रकरण लगातार गहराता जा रहा है। उदयपुर संभाग के बांसवाड़ा और डूंगरपुर जिलों में अब तक 29 अभ्यर्थियों को सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है, वहीं 30 अन्य अभ्यर्थी भी संदेह के घेरे में आ गए हैं। इन अभ्यर्थियों की डिग्रियों की जांच एसओजी, शिक्षा विभाग और अन्य एजेंसियों द्वारा की जा रही है। यदि दस्तावेज फर्जी पाए गए तो इनके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई तय मानी जा रही है।
जांच में सामने आया है कि बांसवाड़ा और डूंगरपुर जिले के कुल 59 अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है। इनमें से 29 अभ्यर्थियों की अंकतालिकाएं आवेदन के समय प्रस्तुत दस्तावेजों से मेल नहीं खाने पर उन्हें बर्खास्त कर दिया गया। बांसवाड़ा जिले के 21 और डूंगरपुर जिले के 8 अभ्यर्थियों पर कार्रवाई हुई है। इनमें 26 अभ्यर्थियों को हाल ही में हटाया गया, जबकि तीन को पहले ही बर्खास्त किया जा चुका था। एक अभ्यर्थी ने जांच शुरू होने से पहले ही इस्तीफा दे दिया।
अब शेष 30 अभ्यर्थियों की डिग्रियां जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। बताया जा रहा है कि इन अभ्यर्थियों ने बाहरी राज्यों से डिग्रियां प्राप्त की हैं। कई मामलों में एक ही वर्ष में बीपीएड, बीएड और एसटीसी जैसी दो या दो से अधिक डिग्रियां हासिल करने के तथ्य सामने आए हैं, जिससे उनकी वैधता पर सवाल खड़े हो गए हैं। एसओजी को आशंका है कि इन डिग्रियों में भी फर्जीवाड़ा हो सकता है।
शिक्षा विभाग ने संकेत दिए हैं कि जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वाले अभ्यर्थियों पर बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाएगी। भर्ती प्रक्रिया में बढ़ते फर्जीवाड़े ने विभागीय सत्यापन प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।
