LOADING

Type to search

सूरत की फैक्ट्रियों से उदयपुर के 90 बाल श्रमिक मुक्त

crime

सूरत की फैक्ट्रियों से उदयपुर के 90 बाल श्रमिक मुक्त

Share

7 से 14 साल के बच्चे कर रहे थे मजदूरी, महीने में मिलते थे सिर्फ 5 से 8 हजार रुपए
उदयपुर, 13 मई :
उदयपुर जिले के आदिवासी इलाकों से ले जाए गए 90 बच्चों को गुजरात के सूरत शहर की फैक्ट्रियों से रेस्क्यू किया गया है। मानव तस्करी निरोधी यूनिट और राज्य बाल आयोग की संयुक्त टीम ने बुधवार को सूरत में कई स्थानों पर कार्रवाई कर बच्चों को मुक्त करवाया। ये बच्चे 7 से 14 वर्ष आयु वर्ग के बताए जा रहे हैं और उनसे टेक्सटाइल यूनिट्स में मजदूरी करवाई जा रही थी।
जानकारी के अनुसार बच्चे सूरत के पूना थाना क्षेत्र स्थित सीताराम सोसाइटी, मुक्तिधाम सोसाइटी सहित करीब छह स्थानों पर छोटी-छोटी टेक्सटाइल फैक्ट्रियों में काम कर रहे थे। कुछ बच्चों से साड़ियों में धागा लगाने का काम कराया जा रहा था, जबकि कई बच्चे मशीनें चलाने में लगे हुए थे। इसके बदले उन्हें मात्र 5 हजार से 8 हजार रुपए प्रतिमाह दिए जा रहे थे।
राज्य बाल आयोग के पूर्व सदस्य शैलेन्द्र पंड्या ने बताया कि पिछले एक महीने से सूचना मिल रही थी कि उदयपुर के गरीब आदिवासी परिवारों के बच्चों को मजदूरी के लिए सूरत भेजा जा रहा है। इसके बाद करीब 20 सदस्यीय टीम ने योजनाबद्ध तरीके से एक के बाद एक कई स्थानों पर छापेमारी की।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि अधिकांश बच्चे स्कूल छोड़ चुके हैं और आर्थिक तंगी के कारण काम करने के लिए भेजे गए थे। फिलहाल टीम बच्चों के साथ फैक्ट्री संचालकों से पूछताछ कर रही है। बच्चों के परिजनों से भी जानकारी जुटाई जाएगी।
2019 में भी हुई थी बड़ी कार्रवाई
राज्य बाल आयोग ने वर्ष 2019 में भी सूरत में इसी तरह की कार्रवाई कर उदयपुर जिले के कई बाल श्रमिकों को मुक्त करवाया था। इसके बावजूद बच्चों की तस्करी और बाल मजदूरी का सिलसिला पूरी तरह नहीं रुक पाया है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *