धर्मांतरण मामले में 11 आरोपियों की जमानत खारिज
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कोर्ट बोली- लालच या दबाव से धर्म परिवर्तन देश की अखंडता के लिए घातक
उदयपुर, 13 जून : उदयपुर जिले के ऋषभदेव थाना क्षेत्र में कथित सामूहिक धर्मांतरण मामले में गिरफ्तार 11 आरोपियों को बड़ा झटका देते हुए खेरवाड़ा के अपर जिला एवं सेशन न्यायालय ने उनकी जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं। पीठासीन अधिकारी जगदीश कुन्तल ने कहा कि किसी व्यक्ति को प्रलोभन, दबाव या छल के माध्यम से धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करना देश की संप्रभुता और अखंडता के लिए गंभीर खतरा है।
प्रार्थना सभा में धर्म परिवर्तन का आरोप
मामला कानूवाड़ा बिलखाई गांव का है, जहां 6 जून को आयोजित एक प्रार्थना सभा में धर्म परिवर्तन कराने के आरोप में पुलिस ने 11 लोगों को गिरफ्तार किया था। परिवादी नानालाल ने आरोप लगाया कि उसे बीमारी ठीक करने, घर पर कुआं और हैंडपंप खुदवाने जैसे प्रलोभन देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए कहा गया। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार किया गया।
जांच प्रभावित होने की आशंका
परिवादी पक्ष ने कोर्ट में दावा किया कि सभा में गरीब एवं आदिवासी वर्ग के लोगों को चमत्कार और आर्थिक लाभ का लालच दिया जा रहा था। पुलिस को मौके से धार्मिक साहित्य, सीडी और अन्य सामग्री भी मिली है। कोर्ट ने कहा कि जांच अभी जारी है और आरोपियों को रिहा करने से गवाहों को प्रभावित करने तथा साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका है। अदालत ने सभी 11 आरोपियों की जमानत अर्जी निरस्त करते हुए मामले की गंभीरता को देखते हुए राहत देने से इंकार कर दिया।
