हल्दीघाटी युद्ध के 450 साल होने पर उदयपुर आएंगे मोहन-भागवत
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हल्दीघाटी विजय समारोह बनेगा राष्ट्र विमर्श परिवर्तन की ऐतिहासिक गर्जना: प्रो. बीपी शर्मा
उदयपुर, 13 जून: वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप समिति के अध्यक्ष प्रो. भगवती प्रकाश शर्मा ने कहा कि 17 जून को प्रताप गौरव केन्द्र के तत्वावधान में आयोजित होने वाला हल्दीघाटी विजय सार्द्ध चतुःशती समारोह केवल स्मृति आयोजन नहीं, बल्कि राष्ट्र के ऐतिहासिक विमर्श को पुनर्स्थापित करने का महाअभियान है। उन्होंने दावा किया कि समारोह में हल्दीघाटी युद्ध से जुड़े उन ऐतिहासिक तथ्यों को सामने रखा जाएगा, जिन्हें वर्षों तक विकृत रूप में प्रस्तुत किया गया। उन्होंने बताया, हल्दीघाटी युद्ध के 450 साल होने पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत उदयपुर आएंगे।
25 से 30 हजार लोगों के पहुंचने का अनुमान

महाराणा भूपाल स्टेडियम स्थित गांधी ग्राउंड में आयोजित राष्ट्र चेतना संकल्प सभा को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत संबोधित करेंगे। आयोजन में 25 से 30 हजार लोगों की भागीदारी का अनुमान है। इसके लिए दो लाख वर्गफुट क्षेत्र में विशाल डोम, 20 हजार से अधिक कुर्सियां, मिस्ट सिस्टम, पेयजल और चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है।
दो लाख पत्रकों का वितरण
प्रताप गौरव केन्द्र के निदेशक अनुराग सक्सेना ने बताया कि हल्दीघाटी विजय की गौरवगाथा के दो लाख पत्रक राजस्थान, गुजरात और मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों में वितरित किए जा रहे हैं। एक हजार से अधिक संत-महात्माओं तथा पांच हजार प्रबुद्धजनों को आमंत्रित किया गया है।
विशेष आकर्षण
समारोह में हल्दीघाटी की मिट्टी से महाराणा प्रताप और मोहन भागवत की तस्वीर बनाई जा रही है। 15 जून से तीन दिवसीय ‘मेवाड़ शौर्य प्रदर्शनी’ भी आयोजित होगी। आयोजन को सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त रखने और बाहर से आने वाले आगंतुकों के लिए 25 हजार भोजन पैकेट की व्यवस्था की गई है।
