लेबर रूम में प्रोटोकॉल से नहीं होगा समझौता: डॉ. अशोक आदित्य
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परिवार नियोजन के नए साधनों की समीक्षा, सभी संस्थानों से उपकरणों की जरूरत का मांगा ब्यौरा
उदयपुर, 4 जुलाई: जिले के सभी चिकित्सा संस्थानों में सुरक्षित मातृत्व सेवाओं और गुणवत्तापूर्ण प्रसव प्रबंधन को सुनिश्चित करने के लिए लेबर रूम प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. अशोक आदित्य ने शनिवार को आयोजित समीक्षा बैठक में स्पष्ट कहा कि हाल के दिनों में अन्य जिलों में हुई घटनाओं से सबक लेते हुए प्रत्येक स्वास्थ्य संस्थान में निर्धारित गाइडलाइन के अनुरूप कार्य किया जाए तथा लेबर रूम स्टाफ को नियमित प्रशिक्षण दिया जाए।
होटल रेडिएंट ग्लोबस में आयोजित बैठक में परिवार नियोजन के नवीन साधन अंतरा एससी इंजेक्शन और सब डर्मल इंप्लांट की प्रगति की भी ब्लॉकवार समीक्षा की गई। बैठक में जिले के समस्त बीसीएमओ, संबंधित चिकित्सा अधिकारी, लेबर रूम प्रभारी एवं नर्सिंग अधिकारी मौजूद रहे।
डॉ. अशोक आदित्य ने सभी संस्थानों से आवश्यक उपकरणों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि कहीं भी संसाधनों की कमी न रहे। वहीं डॉ. रागिनी अग्रवाल ने अंतरा एससी और सब डर्मल इंप्लांट की प्रगति की समीक्षा करते हुए कम प्रदर्शन वाले ब्लॉकों से स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने जिन संस्थानों में कायाकल्प फर्स्ट असेसमेंट लंबित है, वहां इसे शीघ्र पूरा करने के निर्देश भी दिए।
आरसीएचओ डॉ. राकेश गुप्ता ने बताया कि जिले के सभी लेबर रूम के लिए एक मानक चेकलिस्ट जारी की गई है। संस्थानों को तीन दिन में चेकलिस्ट भरकर कमियों का आकलन जिला स्तर पर भेजना होगा, जिससे आवश्यक सुधार समय पर किए जा सकें।
परिवार नियोजन के आधुनिक साधनों के प्रभावी उपयोग की दी जानकारी
शहर प्रभारी डॉ. कैलाश शर्मा ने लेबर रूम में अनावश्यक एवं पुरुष प्रवेश पर रोक, आवश्यक दवाओं और उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा परिवार नियोजन के आधुनिक साधनों के प्रभावी उपयोग की जानकारी दी। यूएनएफपीए के मोहम्मद हुसैन बोहरा ने गुणवत्तापूर्ण प्रसव सेवाओं, संक्रमण नियंत्रण तथा मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल पर विस्तार से जानकारी दी। बैठक में डीएनओ प्रताप सिंह ने लाडो प्रोत्साहन योजना में मौजूद कमियों पर भी चर्चा की।
