व्यवसायी से मारपीट-लूट मामले में घिरी पुलिस
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3 दिन बाद FIR, आरोपियों को पहले पाबंद कर छोड़ा
उदयपुर, 26 जुलाई: शहर के सुखेर थाना क्षेत्र में ट्रेवल्स व्यवसायी के साथ हुई मारपीट और लूट की वारदात के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है। पीड़ित का आरोप है कि घटना के तुरंत बाद शिकायत देने के बावजूद पुलिस ने तीन दिन तक एफआईआर दर्ज नहीं की, जबकि नामजद आरोपियों को धारा 151 के तहत पाबंद कर छोड़ दिया। बाद में दर्ज एफआईआर में आरोपियों को अज्ञात दर्शा दिया गया।
पीड़ित पुष्पेंद्र सिंह पुत्र शिव सिंह निवासी झल्लारा ने बताया कि 23 जुलाई की रात करीब 8:10 बजे वह न्यू आरटीओ स्थित अपने कार्यालय से कार से घर लौट रहे थे। शोभागपुरा स्थित सेरेमनी रिसोर्ट मोड़ के पास स्कॉर्पियो और थार सवार 12 से 15 युवकों ने उनकी कार को ओवरटेक कर रोक लिया। कट मारने की बात को लेकर विवाद करते हुए बदमाशों ने उनके साथ लात-घूंसों से मारपीट की, जिससे उनका हाथ टूट गया।
पीड़ित के अनुसार आरोपी उनकी कार में रखे 15 हजार रुपये और गले से सोने की चेन छीनकर ले गए। उन्होंने जब 100 नंबर पर पुलिस को फोन करने की कोशिश की तो बदमाशों ने और अधिक मारपीट करते हुए धमकी दी कि “पुलिस हमारे पास आती है।”
पीड़ित बोला रिपोर्ट के बावजूद दर्ज नहीं किया मुकदमा
पीड़ित का आरोप है कि घटना वाले दिन ही सुखेर थाने में रिपोर्ट देने के बावजूद पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। अगले दिन 24 जुलाई को आरोपियों को धारा 151 के तहत पाबंद कर छोड़ दिया गया। इसके बाद 25 जुलाई की शाम करीब 6 बजे एफआईआर दर्ज की गई, जिसमें आरोपियों को अज्ञात बताया गया। साथ ही लूट और गंभीर मारपीट के बावजूद मामले में केवल चेन स्नेचिंग से संबंधित धाराएं लगाने पर भी सवाल उठ रहे हैं।
जांच अधिकारी बोलीं- जांच के बाद होगी कार्रवाई
मामले की जांच कर रहीं एएसआई आशा ने कहा कि आरोपियों को पाबंद कर छोड़ा गया था। अब एफआईआर दर्ज होने के बाद मामले की दोबारा जांच की जाएगी और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। हालांकि पहले आरोपियों को छोड़ने के कारण पर वह स्पष्ट जवाब नहीं दे सकीं।
