फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी से करोड़ों की जमीन हड़पने का खेल, चार आरोपी गिरफ्तार
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राम्या रिसोर्ट से जुड़ी भूमि फर्जीवाड़े का खुलासा, डमी खातेदार खड़े कर कराया नामांतरण; पूरे नेटवर्क की जांच तेज
उदयपुर, 4 अगस्त: सविना थाना पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए करोड़ों रुपये की कृषि भूमि हड़पने के मामले में बड़ा खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामला राजस्व ग्राम डाकन कोटड़ा स्थित राम्या रिसोर्ट के समीप भूमि की खरीद-फरोख्त से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने 75 वर्षीय मूल खातेदार मीठालाल वैष्णव की जगह डमी व्यक्ति खड़े कर फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी तैयार कराई और उसके आधार पर 1 जुलाई 2024 को विक्रय विलेख निष्पादित कर भूमि का नामांतरण मीना खमेसरा के नाम करा दिया।
एसपी डॉ. अमृता दुहन के निर्देशन में सविना थाना पुलिस ने मनीष खराड़ी (गांधीनगर), नरेन्द्र जैन (तीतरड़ी), चन्द्रशेखर (रामपुरा) और सिकन्दर (पहाड़ा) को गिरफ्तार किया। नरेन्द्र जैन और मनीष खराड़ी पुलिस रिमांड पर हैं, जबकि दो आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। जांच में सामने आया है कि इसी भूमि से जुड़े अन्य प्रकरण पहले भी दर्ज हैं तथा गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध धोखाधड़ी के कई मामले न्यायालयों में विचाराधीन हैं।
जांच के घेरे में पूरा नेटवर्क
फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी और डमी खातेदारों के जरिए जमीन हड़पने का आरोप।
पुलिस को करोड़ों रुपये मूल्य के 9 से अधिक भूखंडों में इसी तरह के फर्जीवाड़े की आशंका।
राम्या रिसोर्ट के कृषि भूमि पर बिना भूमि रूपांतरण (कन्वर्जन) संचालित होने के पहलू की भी जांच की चर्चा।
पुलिस अब दस्तावेज तैयार करने वाले पूरे गिरोह और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका खंगाल रही है।

