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ताज अरावली प्रोजेक्ट में करोड़ों की धोखाधड़ी का आरोप, ईशान क्लब्स एंड होटल्स के निदेशकों पर FIR

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ताज अरावली प्रोजेक्ट में करोड़ों की धोखाधड़ी का आरोप, ईशान क्लब्स एंड होटल्स के निदेशकों पर FIR

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निवेशकों से पूरी रकम और स्टांप ड्यूटी लेने के बाद भी रजिस्ट्री नहीं कराने का आरोप; जमीन अतिक्रमण, अवैध निर्माण और धमकी देने के भी गंभीर आरोप
उदयपुर, 22 अगस्त
: उदयपुर के कोडियात स्थित चर्चित ‘ताज अरावली’ प्रोजेक्ट में करोड़ों रुपए की कथित धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र का मामला सामने आया है। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने ईशान क्लब्स एंड होटल्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशकों राजीव आनंद, साहिल आनंद व चारू आनंद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायत में निवेशकों से रकम वसूलने के बाद संपत्ति की रजिस्ट्री नहीं कराने, फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल, धमकी और आपराधिक साजिश सहित कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
9 से 12 फीसदी रिटर्न का दिया था कथित भरोसा
शिकायत के अनुसार आरोपियों ने दिल्ली के सफदरजंग क्षेत्र में निवेशकों से मुलाकात कर उदयपुर के कोडियात स्थित 5-स्टार होटल प्रोजेक्ट में कॉटेज और स्टूडियो यूनिट बेचने का प्रस्ताव दिया। निवेशकों को 9 से 12 प्रतिशत सालाना न्यूनतम सुनिश्चित रिटर्न और कुल लाभ में 25 प्रतिशत तक हिस्सेदारी देने का कथित वादा किया गया।
रकम और स्टांप ड्यूटी ली, फिर भी सेल डीड नहीं
आरोप है कि निवेशकों से पूरी बिक्री राशि के साथ रजिस्ट्री और स्टांप ड्यूटी के नाम पर लाखों रुपए वसूल किए गए, लेकिन टाइटल डीड अथवा सेल डीड का निष्पादन नहीं किया गया। शिकायत में सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप है।
अरावली पहाड़ियों और सरकारी जमीन पर अतिक्रमण का आरोप
शिकायतकर्ताओं ने ST किसानों की कृषि भूमि के अलावा सिंचाई और वन विभाग की जमीनों पर कथित अतिक्रमण, अरावली पहाड़ियों की कटाई और अवैध निर्माण का आरोप लगाया है। अरावली हिल पॉलिसी और वन संरक्षण कानूनों के उल्लंघन का भी दावा किया गया है। प्रोजेक्ट के RERA पंजीकरण को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
विदेशी संस्था को बेचने के प्रयास का आरोप
निवेशकों का आरोप है कि उनकी पूर्व सहमति के बिना संपत्ति को विदेशी संस्था ‘ब्लैकस्टोन’ को बेचने का प्रयास किया गया। दस्तावेज और अधिकार मांगने पर राजनीतिक रसूख का हवाला देकर धमकाने का भी आरोप है।
EOW जांच में वित्तीय लेन-देन भी जांच के दायरे में
EOW ने IPC की धारा 406, 409, 420, 423, 467, 468, 471, 506, 120-B और 34 सहित संबंधित प्रावधानों में मामला दर्ज किया है। जांच में वित्तीय अनियमितताओं, मनी लॉन्ड्रिंग, बेनामी संपत्तियों और संभावित विभागीय मिलीभगत के पहलुओं को भी शामिल किया गया है। आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद होगी।

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