LOADING

Type to search

स्कूल जाने के लिए पेड़ के तने पर चलने की मजबूरी

Rajasthan

स्कूल जाने के लिए पेड़ के तने पर चलने की मजबूरी

Share

दलोट के उदियाखेड़ी में बच्चों की जान जोखिम में: ग्रामीणों का बनाया बांस का पुल बारिश में बहा, अब तने के सहारे बरसाती रास्ता पार कर रहे विद्यार्थी
उदयपुर, 26 अगस्त:
प्रतापगढ़ जिले की दलोट तहसील के उदियाखेड़ी गांव में सरकारी व्यवस्थाओं की ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के दावों पर सवाल खड़े करती है। स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए यहां पुलिया नहीं, बल्कि पेड़ का तना ही रास्ता बना हुआ है। बरसाती पानी के बीच बच्चे रोज इसी तने पर संतुलन बनाकर रास्ता पार करते हैं। जरा सी चूक उन्हें नीचे बह रहे पानी में गिरा सकती है।
पहले बांस का पुल बनाया, वह भी बारिश में बह गया
ग्रामीणों के अनुसार बरसात में रास्ते पर पानी का बहाव तेज हो जाता है। बच्चों और ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए गांव के लोगों ने आपसी सहयोग से पहले बांस का अस्थायी पुल बनाया था। लेकिन तेज बारिश और पानी के बहाव में वह पुल बह गया। इसके बाद ग्रामीणों ने पेड़ के तने को ही अस्थायी पुल के रूप में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया।
ग्रामीण उदालाल के अनुसार स्कूल जाने वाले बच्चों को रोज इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है। बारिश के दौरान तना गीला और फिसलन भरा हो जाता है, जिससे हादसे का खतरा बढ़ जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि मजबूरी में उन्होंने अपने स्तर पर रास्ते की व्यवस्था की है।
सरकारी रिकॉर्ड में सड़कें, फिर पुलिया क्यों नहीं?
उदियाखेड़ी में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भी संचालित है। ऐसे में विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था नहीं होना गंभीर चिंता का विषय है। खास बात यह है कि सरकारी मनरेगा रिकॉर्ड में उदियाखेड़ी में सड़क निर्माण से जुड़े कार्य दर्ज हैं। इनमें जीएसएस से रामचंद्र जी के खेत तक तथा मेन रोड से लक्ष्मण के घर तक सड़क निर्माण कार्य शामिल हैं। वहीं राजस्थान सरकार के बजट दस्तावेज में मध्यप्रदेश सीमा से बोरदिया, सेवना, उदियाखेड़ी सहित आगे के क्षेत्र तक सड़क के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य का भी उल्लेख है।
सवाल: सड़क के बीच सुरक्षित क्रॉसिंग क्यों नहीं?
सरकारी रिकॉर्ड में सड़क निर्माण और सुदृढ़ीकरण के कार्य होने के बावजूद जिस रास्ते से बच्चों को बरसात में गुजरना पड़ रहा है, वहां सुरक्षित पुलिया या स्थायी क्रॉसिंग की व्यवस्था नहीं होना सवाल खड़ा करता है। ग्रामीणों का कहना है कि हर बारिश में अस्थायी व्यवस्था करना समस्या का समाधान नहीं है।
प्रशासन से स्थायी पुलिया बनाने की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से मौके का निरीक्षण कर बरसाती पानी के रास्ते पर स्थायी पुलिया या मजबूत क्रॉसिंग बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी इस समस्या का तत्काल समाधान होना चाहिए। प्रतापगढ़ जिला कलेक्टर शुभम चौधरी ने इस मामले में जांच कर कार्रवाई की बात कही है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *