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विरासत संरक्षण में तकनीक और परंपरा का संतुलन जरूरी

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विरासत संरक्षण में तकनीक और परंपरा का संतुलन जरूरी

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सिटी पैलेस में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन शुरू, जलवायु परिवर्तन और डिजिटल बदलाव पर मंथन
उदयपुर, 24 अक्टूबर:
डिजिटल तकनीक और बदलते समय के साथ आगे बढ़ते हुए पुरखों की विरासत को जीवंत बनाए रखना हमारा दायित्व है। यह विचार डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने सिटी पैलेस म्यूजियम में आयोजित आइकॉम इंटरकॉम वार्षिक सम्मेलन 2026 के अवसर पर व्यक्त किए।
महाराणा मेवाड़ चैरिटेबल फाउंडेशन के सहयोग से 24 और 25 अक्टूबर को आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में विभिन्न देशों के संग्रहालय विशेषज्ञ, प्रबंधक, शोधकर्ता और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। सम्मेलन का विषय डिजिटल बदलाव और जलवायु परिवर्तन के संदर्भ में संग्रहालयों की भूमिका तथा सांस्कृतिक कथाओं में परिवर्तन पर केंद्रित है।

पुरखों की विरासत को जीवंत रखना हमारा दायित्व: डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़

फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं प्रबंध न्यासी डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सिटी पैलेस म्यूजियम मेवाड़ की जीवंत विरासत के संरक्षण और सतत विरासत प्रबंधन की दिशा में कार्यरत है। सम्मेलन का शुभारंभ फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. मयंक गुप्ता के स्वागत संबोधन से हुआ। आइकॉम इंटरकॉम की अंतरिम अध्यक्ष मार्था इकाबोंगो ने विषयवस्तु प्रस्तुत की, जबकि आइकॉम की कार्यकारी परिषद की कोषाध्यक्ष गोरांका होर्जन ने विशेष संबोधन दिया। पहले दिन जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण संरक्षण, सामुदायिक सहभागिता और संग्रहालयों की जिम्मेदारियों पर चर्चा हुई। दूसरे दिन कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल तकनीक के जरिए संग्रहालयों के भविष्य पर विचार-विमर्श होगा।

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