हाथीपोल धर्मशाला से गणगौर घाट तक आज निकलेगा वरघोड़ा
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भगवान के रथ सहित हाथी, घोड़े, बैंड और ऊंटगाड़ी होंगी शामिल, गणगौर घाट पर होगा स्नात्र महोत्सव
उदयपुर, 19 सितम्बर: तपागच्छ की उद्गम स्थली आयड़ जैन तीर्थ में पर्वाधिराज महापर्व पर्युषण के तहत धर्म-ध्यान, पूजा-पाठ, सामायिक, पौषध एवं तप-साधना का क्रम जारी है। मालव मार्तंड आचार्य भगवंत मुक्तिसागर सूरीश्वर महाराज, आचार्य अचल मुक्तिसागर सूरीश्वर महाराज सहित ठाणा-4 के सान्निध्य में चातुर्मास के आयोजन चल रहे हैं।
जैन श्वेतांबर महासभा के महामंत्री कुलदीप नाहर ने बताया कि उदयपुर में विराजित मूर्तिपूजक समाज के सभी साधु-साध्वी भगवंतों की पावन निश्रा में रविवार, 20 सितंबर को सुबह 8:30 बजे हाथीपोल धर्मशाला से वरघोड़ा निकलेगा। वरघोड़ा हाथीपोल धर्मशाला से रवाना होकर मालदास स्ट्रीट, बड़ा बाजार, घंटाघर और जगदीश चौक होते हुए गणगौर घाट पहुंचेगा। यहां स्नात्र महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद वरघोड़ा पुन: हाथीपोल स्थित धर्मशाला पहुंचेगा।
वरघोड़े में हाथी, घोड़े, बैंड, भगवान का रथ, ऊंटगाड़ी में शहनाई वादक तथा माता त्रिशला को आए 14 स्वप्नों की झांकी शामिल रहेगी। उदयपुर में विराजित साधु-साध्वी सहित चतुर्विध संघ भी वरघोड़े में शामिल होंगे।
गणगौर घाट पर स्नात्र महोत्सव के बाद मालदास स्ट्रीट स्थित आराधना भवन में उदयपुर के सभी जैन संघों के संयोग से साधर्मिक भक्ति एवं स्वामीवात्सल्य का आयोजन होगा। इसमें समाजबंधु सामूहिक रूप से धार्मिक एवं भक्ति कार्यक्रमों में शामिल होंगे। महासभा ने सकल जैन समाज से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर आयोजन को सफल बनाने का आह्वान किया है।

