महावीर के पुरुषार्थ से सीखने का संदेश
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उदयपुर, 2 सितंबर: वासुपूज्य मंदिर दादाबाड़ी में चल रहे आध्यात्मिक प्रवचन में साध्वी विद्युतप्रभा श्रीजी ने भगवान महावीर के जीवन, तप और पुरुषार्थ का विवेचन किया। उन्होंने कहा कि महावीर ने असाधारण पुरुषार्थ और आत्मसाधना से कर्मों का क्षय कर केवल्य ज्ञान प्राप्त किया। मनुष्य को भी सांसारिक सुखों तक सीमित न रहकर आत्मकल्याण और मोक्ष की दिशा में पुरुषार्थ करना चाहिए। साध्वीश्री ने ‘रिएक्शन’ और ‘रेस्पॉन्स’ का अंतर समझाते हुए कहा कि तत्काल प्रतिक्रिया के बजाय परिस्थितियों का विवेकपूर्वक सामना करना चाहिए। इस अवसर पर साध्वी प्रज्ञानजना, नमन रुचि, योगरुचि और तन्मय रुचि श्रीजी ने भक्ति गीत प्रस्तुत किए।

