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दृष्टि, तकनीक और संवेदना का संगम बनी फोटोग्राफी कार्यशाला

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दृष्टि, तकनीक और संवेदना का संगम बनी फोटोग्राफी कार्यशाला

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सुखाड़िया विश्वविद्यालय में वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्ट राजदीप ने विद्यार्थियों को सिखाए प्रभावी फोटोग्राफी के व्यावहारिक गुर
उदयपुर, 25 जुलाई
: मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के दृश्य कला संकाय में शनिवार को आयोजित एक दिवसीय फोटोग्राफी कार्यशाला विद्यार्थियों के लिए सीखने और रचनात्मक अभिव्यक्ति का प्रभावी मंच बनी। मुख्य वक्ता वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्ट राकेश शर्मा ‘राजदीप’ ने फोटोग्राफी के इतिहास, विकास और आधुनिक तकनीकों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एक प्रभावी तस्वीर केवल दृश्य का रिकॉर्ड नहीं, बल्कि समाज, समय और संवेदनाओं की सशक्त अभिव्यक्ति होती है। उन्होंने कहा कि एक अच्छी तस्वीर कई बार हजारों शब्दों से अधिक प्रभाव छोड़ती है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए दृश्य कला संकाय के निदेशक प्रो. हेमंत द्विवेदी ने कहा कि फोटोग्राफी देखने, समझने और अनुभव करने की कला है। विभागाध्यक्ष डॉ. धर्मवीर वशिष्ठ ने इसे संचार, पत्रकारिता और रचनात्मक अभिव्यक्ति का प्रभावशाली माध्यम बताते हुए विद्यार्थियों को निरंतर अभ्यास की प्रेरणा दी।
द्वितीय सत्र में राजदीप ने पोर्ट्रेट, क्रिएटिव फोटोग्राफी, फ्रेमिंग, एंगल, प्रकाश और कैमरा तकनीकों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक अभ्यास कर विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त किया। कार्यक्रम में डॉ. शाहिद परवेज, डॉ. गौरव शर्मा, डॉ. यामिनी शर्मा, डॉ. मनीष भट्ट सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे। संचालन डॉ. दीपिका माली ने किया।

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