अक्षय तृतीया पर प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ का 208 इक्षु रस कलशों से अभिषेक
Share
पार्श्वनाथ दिगंबर मंदिर में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया पावन पर्व
उदयपुर, 19 अप्रैल: अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर सेक्टर-4 स्थित पार्श्वनाथ दिगंबर मंदिर में प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ का भव्य अभिषेक समारोह श्रद्धा और उत्साह के साथ आयोजित किया गया। इस अवसर पर भगवान आदिनाथ को पांडुक शिला पर विराजमान कर 208 इक्षु रस कलशों से अभिषेक किया गया। समारोह में बड़ी संख्या में जैन समाज के श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया।
धार्मिक आयोजन के अंतर्गत मयूर मानोत एवं रितेश जैन द्वारा शांतिधारा की गई। वहीं पारस-उषा कुणावत परिवार ने इक्षु रस पुण्यार्जक बनकर प्रभावना वितरण का लाभ लिया। आयोजन में लगभग 800 श्रावक-श्राविकाओं ने सहभागिता कर धर्मलाभ प्राप्त किया।
मंदिर के प्रवक्ता मुकेश पांड्या ने बताया कि अक्षय तृतीया जैन धर्म में अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण पर्व है। इसी दिन प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ ने दीर्घ तपस्या के बाद राजा श्रेयांश के हाथों प्रथम आहार ग्रहण किया था। भगवान को इक्षु रस से पारणा कराया गया था, जिसकी स्मृति में हर वर्ष यह अभिषेक आयोजित किया जाता है।
उन्होंने बताया कि इस धार्मिक आयोजन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को भगवान आदिनाथ के तप, त्याग और संयम के संदेश से जोड़ना है। इक्षु रस कलशाभिषेक के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा और श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से पूजा-अर्चना की।
इस अवसर पर डॉ. एस.एल. गोदावत, दीपलाल अखावत, अशोक गोदड़ोत, अजीत गोदड़ोत, हेमेंद्र दामावत, अखिल अजमेरा, रमणीकलाल डवारा, दिनेश वजुआवत, रमेश कोठारी, महेश कोठारी एवं राजेंद्र कोठारी सहित अनेक समाजजन उपस्थित रहे।
पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा, सेवा और धर्म भावना का अनूठा संगम देखने को मिला। अक्षय तृतीया के इस विशेष धार्मिक आयोजन ने जैन समाज में आध्यात्मिक उत्साह का संचार किया।
