साइलेंट अटैक से ड्यूटी पर जाते समय अंबामाता थानाधिकारी की मौत
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सीने में दर्द उठने पर अस्पताल ले जाया गया, उपचार के दौरान तोड़ा दम; पुलिस महकमे में शोक
उदयपुर, 29 जुलाई: उदयपुर शहर के अंबामाता थाना प्रभारी (थानाधिकारी) दलपत सिंह राठौड़ (50) का बुधवार सुबह ड्यूटी पर जाते समय अचानक तबीयत बिगड़ने से निधन हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार उन्हें रास्ते में सीने में तेज दर्द उठा, जिसके बाद उन्हें तत्काल महाराणा भूपाल (एमबी) अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। प्रारंभिक तौर पर मौत का कारण हृदयाघात (हार्ट अटैक) माना जा रहा है, हालांकि अंतिम पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद होगी।
हाथीपोल थाना प्रभारी राजू देवी ने बताया कि सुबह मोहता पार्क में आयोजित आदिवासी रैली में दोनों अधिकारियों की ड्यूटी लगी थी। दलपत सिंह घर से ड्यूटी के लिए निकले थे, तभी रास्ते में उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्होंने फोन पर इसकी सूचना दी, जिसके बाद तत्काल चिकित्सकों और पुलिसकर्मियों को मौके पर भेजकर उन्हें एमबी अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में काफी देर तक सीपीआर सहित जीवनरक्षक प्रयास किए गए, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
सूचना मिलते ही एमबी अस्पताल में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न थानों के प्रभारी और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी पहुंच गए। अचानक हुई इस घटना से पूरे पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई।
छह माह पहले संभाली थी अंबामाता थाने की कमान
दलपत सिंह राठौड़ पिछले करीब छह माह से अंबामाता थाने में थाना प्रभारी के रूप में कार्यरत थे। इससे पहले वे खेरवाड़ा सहित उदयपुर जिले के कई थानों में अपनी सेवाएं दे चुके थे। वे मूल रूप से राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के निवासी थे और अपने शांत स्वभाव तथा कर्तव्यनिष्ठ कार्यशैली के लिए जाने जाते थे।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
थानाधिकारी दलपत सिंह अपने पीछे पत्नी और दो पुत्रों—मयंक राज सिंह (24) तथा पुष्पेंद्र सिंह (22)—को छोड़ गए हैं। अस्पताल में दोनों बेटों का रो-रोकर बुरा हाल था। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी। पुलिस विभाग की ओर से उन्हें राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई देने की तैयारी की जा रही है।
