उदयपुर हाईकोर्ट बेंच के लिए केंद्रीय विधि मंत्री से मिला प्रतिनिधिमंडल, राज्यपाल कटारिया ने निभाई अहम भूमिका
उदयपुर, 12 जून: मेवाड़-वागड़ क्षेत्र में हाईकोर्ट बेंच स्थापना की चार दशक पुरानी मांग को शुक्रवार को नई गति मिली, जब संघर्ष समिति और बार एसोसिएशन उदयपुर के प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली में केंद्रीय विधि मंत्री अर्जुन राम मेघवाल से मुलाकात कर उदयपुर में शीघ्र हाईकोर्ट बेंच स्थापित करने की मांग रखी। खास बात यह रही कि इस मुलाकात को संभव बनाने में पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने सक्रिय भूमिका निभाई और स्वयं प्रतिनिधिमंडल के साथ मौजूद रहे।
संघर्ष समिति के संयोजक रमेश नंदवाना ने मंत्री को बताया कि उदयपुर संभाग के लाखों लोगों को न्यायिक कार्यों के लिए जोधपुर तक लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। इससे गरीब, आदिवासी और दूरदराज के क्षेत्रों के लोगों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है। उन्होंने लंबित अपीलों, जमानत प्रकरणों और आदिवासी बहुल क्षेत्र की विशेष परिस्थितियों का हवाला देते हुए उदयपुर को प्राथमिकता के आधार पर हाईकोर्ट बेंच देने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने संविधान की पांचवीं अनुसूची के प्रावधानों के साथ महाराष्ट्र, झारखंड और छत्तीसगढ़ के उदाहरण भी प्रस्तुत किए। करीब एक घंटे चली चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री ने सभी पक्षों को गंभीरता से सुना और मामले पर सकारात्मक विचार का भरोसा दिलाया।
उदयपुर हाईकोर्ट बेंच की मांग क्यों?
44 वर्षों से लगातार चल रहा आंदोलन
मेवाड़-वागड़ के 6 जिलों की बड़ी आबादी को राहत
आदिवासी क्षेत्र के लोगों को सुलभ न्याय
लंबित अपीलों और जमानत मामलों के शीघ्र निस्तारण की उम्मीद
राज्यपाल कटारिया की पहल से दिल्ली में हुई महत्वपूर्ण बैठक