खूबसूरती के बीच बदहाली का दाग

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फतेहसागर से जुड़े नाले में गंदगी का अंबार, पर्यटन नगरी की छवि पर सवाल
उदयपुर, 23 मई (ऋचा पानेरी):
झीलों की नगरी उदयपुर अपनी प्राकृतिक सुंदरता, झीलों और पर्यटन स्थलों के कारण देश-दुनिया में खास पहचान रखती है। शहर में बीते वर्षों में हुए विकास कार्यों ने इसकी छवि को और मजबूत किया है, लेकिन इसी चमकती तस्वीर के पीछे बदहाली की एक ऐसी सच्चाई भी छिपी है, जो प्रशासनिक दावों पर सवाल खड़े कर रही है।
शहर के आलू फैक्ट्री क्षेत्र स्थित पुलिया और नाला, जो सीधे फतेह सागर झील से जुड़ा हुआ है, आज गंदगी और कचरे का ढेर बनता जा रहा है। इसी मार्ग से झील का पानी आगे बहता है, लेकिन नाले में फैली गंदगी जल स्रोतों को प्रदूषित कर रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से सफाई व्यवस्था कमजोर बनी हुई है और कई बार शिकायतों के बावजूद स्थिति जस की तस है।
स्वच्छता अभियान पर उठ रहे सवाल
क्षेत्र में नियमित सफाई के दावे किए जाते हैं, लेकिन हकीकत में नाले में प्लास्टिक, कचरा और गंदगी लगातार बढ़ रही है। इससे आसपास के वातावरण में दुर्गंध फैल रही है और बीमारियों का खतरा भी बढ़ने लगा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब अंतरराष्ट्रीय पर्यटन शहर के प्रमुख हिस्सों की यह स्थिति है, तो यहां आने वाले विदेशी पर्यटक क्या संदेश लेकर लौटते होंगे।
स्थानीय लोगों ने उठाई कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से नाला सफाई, कचरा प्रबंधन और नियमित मॉनिटरिंग की मांग की है। उनका कहना है कि केवल सौंदर्यीकरण नहीं, बल्कि शहर के मूलभूत ढांचे और स्वच्छता पर भी गंभीरता से काम करने की जरूरत है। तभी उदयपुर की पहचान एक स्वच्छ और व्यवस्थित पर्यटन नगरी के रूप में मजबूत हो सकेगी।