उदयपुर के 21 सीएचसी, अंबामाता, हाथीपोल व बड़गांव सैटेलाइट अस्पतालों में जनऔषधि केंद्रों के लिए 120 वर्गफीट जगह चिन्हित करने के निर्देश
सुभाष शर्मा
उदयपुर, 10 अक्टूबर: सरकारी अस्पताल में इलाज कराने वाले मरीजों को अब अस्पताल परिसर में ही किफायती जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराने की तैयारी है। प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्र (PMBJK) स्थापित करने के लिए उदयपुर जिले के 21 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) के साथ अंबामाता, हाथीपोल और बड़गांव स्थित सैटेलाइट अस्पतालों में न्यूनतम 120 वर्गफीट का स्थान चिन्हित कर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। मेडिकल कॉलेज व जिला अस्पताल स्तर पर भी स्थान उपलब्ध कराने की प्रक्रिया की जानी है।
डॉ. समित शर्मा ने जिला कलेक्टर को भेजे पत्र में जनऔषधि केंद्रों की स्थापना के लिए जिला थोक सहकारी भंडारों और एम-पैक्स (M-PACS) को अस्पताल परिसरों में स्थान उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। पत्र में स्थान आवंटन की प्रक्रिया जल्द पूरी कराने तथा संबंधित अधिकारियों के बीच समन्वय सुनिश्चित करने को कहा गया है।
सीएमएचओ और मेडिकल सुपरिंटेंडेंट करेंगे समन्वय
पत्र के अनुसार जिला स्वास्थ्य अधिकारियों और सहकारिता विभाग के अधिकारियों के बीच त्वरित समन्वय जरूरी है। सीएमएचओ और संबंधित मेडिकल सुपरिंटेंडेंट को सहकारिता विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय कर अस्पतालों में उपयुक्त स्थान चिन्हित कराने और उसके आवंटन की प्रक्रिया को गति देने के लिए कहा गया है।
मरीजों को बाहर नहीं तलाशनी पड़ेगी किफायती दवा
जनऔषधि केंद्रों के अस्पताल परिसरों में स्थापित होने से मरीजों और उनके परिजनों को इलाज के बाद किफायती जेनेरिक दवाओं के लिए अलग से दूर जाने की जरूरत नहीं होगी। खासकर सीएचसी और सैटेलाइट अस्पतालों में उपचार लेने वाले मरीजों को अस्पताल परिसर में ही दवा उपलब्ध होने से सुविधा मिलेगी। इसके लिए फिलहाल पहला कदम अस्पतालों में न्यूनतम 120 वर्गफीट स्थान उपलब्ध कराना है।