चिकित्सा: 5 साल के मोहम्मद अली का फ्री कॉकलियर इम्प्लांट, पीएमसीएच चेयरमैन राहुल अग्रवाल ने की आर्थिक मदद
उदयपुर, 12 जून: जन्म से सुनने और बोलने में असमर्थ 5 वर्षीय मोहम्मद अली के जीवन में अब नई उम्मीद का सूरज उगा है। सिरोही निवासी इस मासूम की दुनिया अब तक खामोश थी, लेकिन सफल कॉकलियर इम्प्लांट सर्जरी के बाद वह जल्द ही अपनी मां की आवाज सुन सकेगा और उन्हें ‘अम्मी’ कहकर पुकार पाएगा। आर्थिक अभाव के कारण जहां परिवार ने उम्मीद छोड़ दी थी, वहीं पीएमसीएच अस्पताल और उसके चेयरमैन राहुल अग्रवाल की पहल ने बच्चे को नया जीवन दे दिया।
परिजनों ने बताया कि दो वर्ष की आयु तक भी मोहम्मद अली किसी आवाज पर प्रतिक्रिया नहीं देता था। जांच में पता चला कि उसे सुनने के लिए कॉकलियर इम्प्लांट की आवश्यकता है, जिसकी लागत करीब 10 लाख रुपये थी। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के लिए यह राशि जुटाना संभव नहीं था।
पीएमसीएच पहुंचने पर अस्पताल प्रबंधन ने मानवीय पहल करते हुए उपचार का जिम्मा उठाया। राहुल अग्रवाल की आर्थिक सहायता से ईएनटी एवं कॉकलियर इम्प्लांट विशेषज्ञ डॉ. एस.एस. कौशिक, डॉ. ऋचा गुप्ता, डॉ. नवनीत माथुर तथा एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. प्रकाश औदिच्य की टीम ने सफल सर्जरी की।
कॉकलियर इम्प्लांट क्या है?
गंभीर श्रवण बाधित बच्चों को सुनने की क्षमता देने वाली आधुनिक तकनीक।
ऑपरेशन के बाद विशेष थेरेपी से सुनना और बोलना सिखाया जाता है। डॉक्टरों के अनुसार मोहम्मद अली जल्द ही सामान्य बच्चों की तरह स्कूल जा सकेगा। परिवार ने इसे अपने बच्चे के लिए “नई जिंदगी का उपहार” बताया।