ओबीसी सर्वे में बाड़मेर और सलूंबर सबसे आगे, कोटा-बारां सबसे पीछे

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23 जुलाई तक 69.86% सर्वे पूरा, 26 जुलाई तक शत-प्रतिशत लक्ष्य; इसी रिपोर्ट से तय होगा निकाय और पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण
उदयपुर, 24 जुलाई:
राजस्थान में आगामी पंचायतीराज और नगर निकाय चुनावों से पहले कराए जा रहे ओबीसी राजनीतिक प्रतिनिधित्व सर्वे ने रफ्तार पकड़ ली है। 10 जुलाई से शुरू हुए इस राज्यव्यापी अभियान में 23 जुलाई तक 69.86 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। सर्वे की प्रगति रिपोर्ट में बाड़मेर और सलूंबर सबसे आगे हैं, जबकि कोटा और बारां सबसे पीछे चल रहे हैं। ओबीसी राजनीतिक प्रतिनिधित्व आयोग ने सर्वे की अंतिम तिथि बढ़ाकर 26 जुलाई कर दी है और आयोग को 5 अगस्त तक राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपनी है। इसी रिपोर्ट के आधार पर ओबीसी आरक्षण के अनुसार जिला परिषद, पंचायत समिति, नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिकाओं की सीटों का निर्धारण तथा आरक्षण की लॉटरी होगी।
आयोग के अनुसार राज्य में अनुमानित 75,97,312 ओबीसी परिवारों में से अब तक 53,07,801 परिवारों का सर्वे पूरा किया जा चुका है। इनमें 43,45,888 ग्रामीण तथा 9,61,913 शहरी परिवार शामिल हैं। आयोग ने प्रति परिवार औसतन पांच सदस्य मानते हुए प्रदेश में ओबीसी आबादी 3.80 से 4 करोड़ के बीच होने का अनुमान लगाया है। आयोग के सचिव अशोक जैन ने बताया कि निर्धारित समय में रिपोर्ट तैयार करने के लिए दिन-रात सर्वे कराया जा रहा है।

टॉप-5 और बॉटम-5 जिले
सबसे आगे:
बाड़मेर – 100.36%
सलूंबर – 99.61%
टोंक – 89.41%
डीडवाना-कुचामन – 88.54%
प्रतापगढ़ – 87.05%
सबसे पीछे:
बारां – 45.34%
कोटा – 46.95%
करौली – 48.75%
डीग – 51.56%
झुंझुनूं – 52.34%