सेवा से बनाई अलग पहचान: मंदिर से आश्रम तक जनहित के कार्यों में आगे रहे एडवोकेट पंडित

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जल संकट दूर करने, धार्मिक स्थलों के विकास, गौसेवा और पर्यावरण संरक्षण से समाज में बनाई विशिष्ट छवि
उदयपुर, 30 जुलाई:
समाजसेवा केवल आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं होती, बल्कि जरूरत के अनुसार स्थायी समाधान उपलब्ध कराना ही उसकी वास्तविक पहचान है। शहर के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं समाजसेवी निर्मल कुमार पंडित ने पिछले कुछ वर्षों में ऐसे कई जनहित कार्य किए हैं, जिनसे उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई है।
हाल ही में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर हवाला स्थित नए आशाधाम आश्रम में आश्रमवासियों की वर्षों पुरानी जल समस्या के समाधान के लिए ट्यूबवेल (बोरवेल) का निर्माण करवाया। इसके साथ ही परिसर में आम, जामुन, चीकू, कटहल और बिलपत्र सहित फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण भी कराया। आश्रम प्रबंधन ने इसे आश्रमवासियों के लिए दीर्घकालीन राहत देने वाला कदम बताया।
इससे पहले दिल्ली गेट स्थित श्री केसरी हनुमान मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भव्य प्रवेश द्वार और आरओ वाटर प्लांट की स्थापना भी उनके सहयोग से हुई। गर्मी के दिनों में यह आरओ प्लांट बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और राहगीरों के लिए उपयोगी साबित हो रहा है।
निर्मल पंडित सामाजिक और धार्मिक संगठनों से भी सक्रिय रूप से जुड़े रहे हैं। गौसेवा के क्षेत्र में योगदान के चलते उन्हें श्री गोकुल गौशाला संस्थान ट्रस्ट में जिला उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। वहीं विभिन्न सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका के कारण कई संस्थाओं ने उन्हें संरक्षक एवं पदाधिकारी के रूप में भी जिम्मेदारी दी है।
उनका कहना है कि समाज के सक्षम लोगों को केवल दान तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि ऐसे कार्य करने चाहिए जिनका लाभ वर्षों तक लोगों को मिलता रहे। इसी सोच के साथ वे जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, धार्मिक स्थलों के विकास और जनसेवा के कार्यों से जुड़े हुए हैं।