कालका माता नर्सरी में चंदन वन की रखी आधारशिला, बीड़ा गांव में रात्रि चौपाल कर ग्रामीणों से करेंगे सीधा संवाद
उदयपुर, 1 अगस्त: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को उदयपुर दौरे के दौरान पिछोला झील किनारे स्थित कालका माता नर्सरी में आयोजित राज्य स्तरीय 77वें वन महोत्सव का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने चंदन का पौधा लगाकर ‘चंदन वन’ स्थापना अभियान की शुरुआत की तथा ड्रोन उड़ाकर नर्सरी और आसपास के हरित क्षेत्र का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वन महोत्सव केवल पौधारोपण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता और हरित विकास का जन अभियान है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अधिकाधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। वन विभाग द्वारा आयोजित समारोह में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और आमजन मौजूद रहे। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए गए।
कार्यक्रम में वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा, जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी, सांसद डॉ. मन्नालाल रावत, राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया, विधायक ताराचंद जैन, फूलसिंह मीणा, उदयलाल डांगी, श्रीचंद कृपलानी, शांता देवी सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। प्रधान मुख्य वन संरक्षक पवन कुमार, प्रधान वन संरक्षक शिखा मेहरा एवं वन विभाग के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
रविवार को रहेगा व्यस्त कार्यक्रम
रविवार को मुख्यमंत्री उदयपुर लौटकर नारी शक्ति रैली को हरी झंडी दिखाएंगे तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में आयोजित ‘नशा मुक्त युवा अभियान’ से वर्चुअली जुड़ेंगे। इसके बाद कैलाशपुरी स्थित भगवान श्री एकलिंगजी के दर्शन करेंगे। राजसमंद प्रवास के बाद वे महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमपीयूएटी) में अनुसूचित जनजाति परामर्शदात्री समिति की बैठक लेंगे तथा उदयपुर संभाग और सिरोही के जिला कलक्टरों एवं पुलिस अधीक्षकों के साथ कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे। शाम 7:30 बजे उनका जयपुर लौटने का कार्यक्रम निर्धारित है।
कालका माता नर्सरी से 77वें वन महोत्सव का शुभारंभ
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पिछोला झील किनारे स्थित कालका माता नर्सरी में 77वें वन महोत्सव का शुभारंभ किया। उन्होंने चंदन का पौधा लगाकर ‘चंदन वन’ स्थापना अभियान की शुरुआत की और ड्रोन उड़ाकर क्षेत्र की हरित संपदा का अवलोकन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के साथ ग्रामीण आजीविका, जैव विविधता और हरित अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।