सूचना के बावजूद कार्रवाई में घंटों की देरी
प्रतापगढ़, 4 नवम्बर (विजन 360 न्यूज डेस्क): नगर परिषद प्रतापगढ़ के इंटरलॉकिंग कार्य में बाल श्रमिकों को काम करया जा रहा था। यह स्थल पुलिस चौकी से मात्र 50 फीट की दूरी पर था, लेकिन गुजर रहे पुलिस अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों ने बाल श्रमिकों को बचाने का प्रयास नहीं किया।
घटना की सूचना सुबह 11 बजे बाल श्रमिक उन्मूलन की जिम्मेदार संस्था के अधिकारी रामचन्द्र मेघवाल को मिल गई थी, इसके बावजूद अपरान्ह चार बजे तक किसी तरह की कार्रवाई नहीं हुई। जब मामले की जानकारी उच्चाधिकारी एवं जिला प्रशासन को मिली, तब शाम प5 बजे पुलिस का एक दल बाल श्रमिकों की रिहाई के लिए भेजा गया।
स्थानीय लोगों ने पुलिस को बताया गया कि बाल श्रमिक उन्मूलन के लिए काम कर रही संस्था बाल श्रमिकों की रिहाई कराने के बजाय खुद आरोपी पक्ष के साथ समझौते और सेटलमेंट पर ध्यान दे रही है। इसीलिए सुबह ग्यारह बजे सूचना के बावजूद अपरान्ह चार बजे तक किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। जब मीडिया के माध्यम से जिला प्रशासन के अधिकारियों को इसका पता चला तब शाम पांच बजे पुलिस मौके पर पहुंची। लोगों ने इस मामले में बाल श्रमिक उन्मूलन के लिए काम करने वाली संस्था एवं उसके पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। लोगों ने यह भी कहा कि पुलिस ने बाल श्रमिकों को काम पूरा होने के बाद रिहाई की कार्रवाई की, जबकि इस मामले में संबंधित संस्था के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। इस मामले में चाइल्ड हेल्पलाइन काउन्सलर सुमित्रा व्यास का कहना उन्हें साढ़े तीन बजे सूचना मिली थी कि तिरंगा चौराहे पर सरकारी कॉलेज की बाउंड्रीवाल के समीप बीच सड़क पर इंटरलॉकिंग टाइल्स लगवाने में बाल मजदूरों से कार्य कराने की सूचना मिली थी।