तीन साल बाद भी नहीं मिला मुआवजा, 429 किसानों ने दी आंदोलन की चेतावनी

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एनएच-927ए के लिए अधिग्रहित जमीन के बदले 3.35 करोड़ रुपए का भुगतान लंबित, प्रशासन को एक सप्ताह का अल्टीमेटम
डूंगरपुर, 28 जून:
राष्ट्रीय राजमार्ग-927ए का निर्माण पूरा हुए तीन वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन सागवाड़ा क्षेत्र के 429 किसान आज भी अपनी अधिग्रहित जमीन का मुआवजा मिलने का इंतजार कर रहे हैं। करीब 3 करोड़ 35 लाख रुपए का भुगतान लंबित होने से किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। किसानों का आरोप है कि बड़े मुआवजे वाले प्रकरणों का भुगतान पहले कर दिया गया, जबकि छोटे और गरीब किसानों को अब तक केवल आश्वासन ही मिल रहे हैं। नाराज किसानों ने प्रशासन को एक सप्ताह का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि तय समय में भुगतान नहीं होने पर सागवाड़ा तहसील कार्यालय का घेराव कर बेमियादी धरना शुरू किया जाएगा।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा स्वरूपगंज-खेरवाड़ा-डूंगरपुर-सागवाड़ा-बांसवाड़ा-रतलाम (मध्यप्रदेश बॉर्डर) तक एनएच-927ए के निर्माण के लिए सागवाड़ा क्षेत्र के 3,878 किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई थी। इनमें से 3,449 किसानों को 97 करोड़ 53 लाख 9 हजार 464 रुपए का मुआवजा दिया जा चुका है, लेकिन 429 किसान अब भी भुगतान से वंचित हैं। भीलूड़ा गणेशपुरी निवासी किसान श्रीराम पाटीदार ने आरोप लगाया कि प्रभावशाली लोगों के भुगतान पहले कर दिए गए, जबकि छोटे किसानों की लगातार अनदेखी की गई है। वहीं किसान देवीलाल पाटीदार ने बताया कि राजस्व रिकॉर्ड में उनकी जमीन का नंबर दर्ज नहीं होने के कारण पहले सुधार करवाना पड़ा, लेकिन रिकॉर्ड दुरुस्त होने के बाद भी उन्हें मुआवजा नहीं मिला। सागवाड़ा उपखंड अधिकारी ने बताया कि लगभग 90 प्रतिशत किसानों को भुगतान किया जा चुका है। शेष प्रकरण तकनीकी कारणों से लंबित हैं।