डूंगरपुर के कई गांवों में इंद्रदेव से अच्छी वर्षा की प्रार्थना, भजन-कीर्तन और लोकगीतों से गूंजा ग्रामीण अंचल
डूंगरपुर, 20 जुलाई: अच्छी बारिश और समृद्ध फसल की कामना को लेकर डूंगरपुर जिले के कई गांवों में सदियों पुरानी लोक परंपरा ‘धाड़’ का आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया। मोरा सारण, डूंगरवाड़ा, कुआं सहित आसपास के गांवों में महिलाओं ने पुरुषों का पारंपरिक वेश धारण कर गांव की गलियों में जुलूस निकाला और इंद्रदेव से समय पर वर्षा की प्रार्थना की।
सफेद धोती-कुर्ता, सिर पर साफा तथा हाथों में लाठी, तलवार और कृषि उपकरण लिए महिलाएं भजन-कीर्तन और लोकगीत गाते हुए पूरे गांव में भ्रमण करती रहीं। ग्रामीणों ने जगह-जगह जुलूस का स्वागत किया और अच्छी वर्षा की कामना में सहभागी बने।
ग्रामीणों के अनुसार जब क्षेत्र में वर्षा कम होती है, तब इस लोक अनुष्ठान का आयोजन किया जाता है। मान्यता है कि ‘धाड़’ निकालने से इंद्रदेव प्रसन्न होकर अच्छी वर्षा करते हैं। इस आयोजन में युवतियों से लेकर बुजुर्ग महिलाओं तक ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
आधुनिक दौर में भी यह परंपरा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति सम्मान, सामुदायिक एकजुटता और वागड़ की समृद्ध लोक-सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने का सशक्त संदेश देती है।
इधर, सलूम्बर में महिलाओं ने किया इंद्र देव का पूजन
गूगरी का भोग लगाकर की सुख-समृद्धि की प्रार्थना
सलूंबर, 20 जुलाई: अच्छी बारिश, भरपूर फसल और क्षेत्र की खुशहाली की कामना को लेकर सलूंबर जिले के सुथारवाड़ी क्षेत्र की महिलाओं ने नदी तट पर वर्षा के देवता भगवान इंद्र का विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं ने मंगल गीत गाते हुए पूजा-अर्चना की और प्रकृति संरक्षण का संदेश भी दिया।
पूजन के बाद भगवान इंद्र को पारंपरिक गूगरी का भोग लगाया गया तथा श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया। इसके बाद महिलाओं ने ढोल की थाप पर लोकगीतों पर नृत्य और भजन-कीर्तन कर अच्छी वर्षा की प्रार्थना की। निर्मला सुथार के नेतृत्व में आयोजित इस अनुष्ठान में बड़ी संख्या में महिलाओं और बालिकाओं ने भाग लेकर लोक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक एकजुटता का संदेश दिया।