सोने की विशेष पोशाक में हुए दर्शन, राजस्थान सहित कई राज्यों से पहुंचे हजारों श्रद्धालु; चार युवक पुलिस के हवाले
चित्तौड़गढ़, 14 जुलाई: मेवाड़ के प्रसिद्ध कृष्णधाम श्रीसांवलियाजी मंदिर में अमावस्या पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। तड़के मंगला आरती के साथ ही भगवान सांवरा सेठ के दर्शन शुरू हुए और देखते ही देखते मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से खचाखच भर गया। भगवान को सोने की विशेष पोशाक धारण कराई गई, जिसके दर्शन के लिए राजस्थान के अलावा मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। अत्यधिक भीड़ के कारण कुछ समय के लिए स्थिति बेकाबू हो गई और मंदिर में प्रवेश के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ ने वीआईपी गेट तोड़ दिया। सुरक्षा कर्मियों ने तत्काल स्थिति संभालते हुए गेट तोड़ने के आरोप में भीलवाड़ा के चार युवकों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। श्रद्धालुओं ने आरोप लगाया कि भीड़ के अनुरूप सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था पर्याप्त नहीं होने से लंबे इंतजार के बाद अफरा-तफरी की स्थिति बनी। हालांकि बाद में प्रशासन और मंदिर मंडल ने व्यवस्था संभालते हुए दर्शन सुचारु कराए। पूरे दिन मंदिर परिसर में “जय सांवरा सेठ” के जयकारों से भक्तिमय माहौल बना रहा और श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-समृद्धि एवं अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हुए दर्शन किए।
उमड़ी भीड़, बढ़ानी पड़ी सुरक्षा
अमावस्या के अवसर पर सोमवार रात से ही श्रद्धालुओं का मंदिर पहुंचना शुरू हो गया था। सुबह मंगला आरती के बाद दर्शनार्थियों की कतारें लगातार लंबी होती गईं। बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन और पुलिस को अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था करनी पड़ी, ताकि दर्शन व्यवस्था सुचारु बनी रहे।
वीआईपी गेट तोड़ने पर चार युवक गिरफ्तार
अत्यधिक भीड़ के दबाव में मंदिर के प्रवेश द्वार पर अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान कुछ श्रद्धालुओं ने वीआईपी गेट तोड़ दिया। मंदिर के सुरक्षा प्रहरियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए भीलवाड़ा निवासी चार युवकों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। मामले की जांच की जा रही है।