केज कल्चर और मत्स्य ठेकों में पारदर्शिता के निर्देश, समन्वय से काम करने पर जोर
उदयपुर, 19 मई: मत्स्य विभाग राजस्थान की निदेशक आईएएस संचिता बिश्नोई ने उदयपुर दौरे के दौरान मत्स्य पालन गतिविधियों का निरीक्षण करते हुए ब्लू इकोनॉमी को मजबूत बनाने के लिए समन्वय और पारदर्शिता के साथ कार्य करने पर जोर दिया। उन्होंने बंध बडी में प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के तहत स्थापित केज कल्चर मछली पालन इकाई का निरीक्षण किया।
अधिकारियों ने बताया कि यहां 18 केज और केज हाउस स्थापित किए गए हैं। हाथीपोल निवासी लाभार्थी तारा देवी पूर्बिया को 60 प्रतिशत अनुदान की प्रथम किश्त डीबीटी के माध्यम से जारी की जा चुकी है। इस इकाई की लागत 54 लाख रुपए है। अनुसूचित जाति, जनजाति और महिला वर्ग को 60 प्रतिशत तथा सामान्य वर्ग को 40 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है।
रानी रोड स्थित मत्स्य भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में निदेशक ने मत्स्य ठेकों की प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ‘ग’ और ‘घ’ श्रेणी के जलाशयों के ठेकों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर भी जोर दिया।
बैठक में वर्ष 2026-27 के मत्स्य उत्पादन, मत्स्य बीज उत्पादन और सहकारी समिति गठन के लक्ष्यों को शत-प्रतिशत हासिल करने के निर्देश दिए गए। इस दौरान विभागीय अधिकारी और संभागीय प्रतिनिधि मौजूद रहे।