जनता क्लीनिकों पर स्वास्थ्य विभाग की सख्ती, कई केंद्रों पर स्टाफ नदारद

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औचक निरीक्षण में बंद मिले आयुष्मान आरोग्य मंदिर, अनुपस्थित कर्मियों पर कार्रवाई के निर्देश
उदयपुर, 22 अप्रैल:
शहर में संचालित आयुष्मान आरोग्य मंदिर (जनता क्लिनिक) में स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति जांचने के लिए बुधवार को चिकित्सा विभाग ने औचक निरीक्षण अभियान चलाया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक आदित्य के नेतृत्व में विभिन्न अधिकारियों ने अलग-अलग केंद्रों का निरीक्षण किया, जिसमें कई क्लिनिक बंद मिले और कई जगह डॉक्टर व स्टाफ अनुपस्थित पाए गए। विभाग ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित प्लेसमेंट एजेंसी को नोटिस जारी कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
सीएमएचओ डॉ. अशोक आदित्य ने कृषि मंडी स्थित जनता क्लिनिक का निरीक्षण किया, जहां केंद्र बंद मिला। उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विक्रम सिंह ने पुराना आरटीओ स्थित क्लिनिक में डॉ. अबराज, नर्सिंग कर्मी हंसा और फार्मासिस्ट रेखा को अनुपस्थित पाया, जबकि खेमपुरा केंद्र पर केवल स्वास्थ्य कर्मी सुशीला मौजूद मिलीं। सुंदरवास स्थित केंद्र में सभी चिकित्सा कर्मी उपस्थित पाए गए।
आरसीएचओ डॉ. राकेश गुप्ता ने रामपुरा स्थित जनता क्लिनिक का निरीक्षण किया, जहां ताला लगा मिला। वहीं डॉ. प्रणव भावसार ने पानेरियो की मादड़ी स्थित केंद्र पर डॉ. रितिका गोस्वामी को अनुपस्थित पाया। शहर प्रभारी डॉ. कैलाश शर्मा ने मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय स्थित केंद्र का निरीक्षण किया, जहां डॉ. शंकर लाल और सहायक स्टाफ लीला नायक अनुपस्थित मिले।
सीएमएचओ डॉ. अशोक आदित्य ने बताया कि जनता क्लिनिक में कार्यरत स्टाफ प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से नियुक्त है। अनुपस्थित पाए गए कर्मचारियों के खिलाफ एजेंसी को नोटिस जारी कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार जनता क्लिनिक दोनों पारियों में संचालित होने चाहिए ताकि आमजन को निशुल्क चिकित्सा सुविधा मिल सके। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी कर्मियों की सेवा समाप्त तक की जा सकती है। साथ ही हीट स्ट्रोक से बचाव और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।