उदयपुर संभाग में डॉक्टरों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित

Share

निजी अस्पतालों में ओपीडी बंद, गिरफ्तारी के विरोध में आंदोलन तेज
उदयपुर, 14 अप्रैल:
जयपुर में एक निजी अस्पताल के निदेशक की गिरफ्तारी के विरोध में उदयपुर संभाग के डॉक्टरों में भारी आक्रोश देखने को मिला। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के आह्वान पर बुधवार को संभागभर के निजी अस्पतालों में 24 घंटे की हड़ताल रही, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं।
सुबह से ही उदयपुर शहर सहित संभाग के विभिन्न निजी अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं पूरी तरह बंद रहीं। डॉक्टर अपने चैंबर में नहीं बैठे और नए मरीजों को नहीं देखा गया। कई अस्पतालों में इमरजेंसी सेवाएं भी आंशिक रूप से प्रभावित रहीं। हालांकि पहले से भर्ती मरीजों का उपचार जारी रखा गया।
अस्पतालों के बाहर लगे नोटिस, मरीज परेशान
निजी अस्पतालों के बाहर हड़ताल के नोटिस चस्पा किए गए, जिससे इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ा। कई मरीजों को मजबूरी में सरकारी अस्पतालों का रुख करना पड़ा, जिससे वहां भीड़ बढ़ गई।
गिरफ्तारी के विरोध में एकजुट हुए डॉक्टर
डॉक्टरों का कहना है कि जयपुर में एक अस्पताल निदेशक की गिरफ्तारी गलत तरीके से की गई है। इसे लेकर पूरे चिकित्सा समुदाय में रोष है।
IMA से जुड़े चिकित्सकों ने चेतावनी दी है कि यदि संबंधित डॉक्टर को जल्द रिहा नहीं किया गया और स्वास्थ्य योजनाओं से जुड़ी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
RGHS भुगतान और नीतिगत मुद्दों पर भी नाराजगी
डॉक्टरों ने राज्य सरकार से लंबित भुगतान जल्द जारी करने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि लंबे समय से बकाया राशि नहीं मिलने से अस्पताल संचालन प्रभावित हो रहा है और स्टाफ को समय पर वेतन देना मुश्किल हो रहा है। चिकित्सकों ने स्पष्ट किया कि यह केवल सांकेतिक हड़ताल है, लेकिन मांगें पूरी नहीं होने पर भविष्य में अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जा सकता है।