माइनिंग से 424 करोड़ का राजस्व, लक्ष्य से पीछे विभाग

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नीलामी अटकी, अवैध खनन पर कार्रवाई से भी हुई वसूली
चित्तौड़गढ़, 5 मई:
चित्तौड़गढ़ और निंबाहेड़ा माइनिंग विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 424.16 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया है, जो निर्धारित 501.99 करोड़ के लक्ष्य का 84.50 प्रतिशत है। लक्ष्य से पीछे रहने के बावजूद विभाग ने विभिन्न स्रोतों से अच्छी वसूली की है।
आंकड़ों के अनुसार चित्तौड़गढ़ माइनिंग विभाग ने 192.72 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले 154.98 करोड़ (80.42%) राजस्व जुटाया, जबकि निंबाहेड़ा ने 309.27 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले 269.19 करोड़ (87.04%) हासिल किए। यह आय मुख्यतः मेजर और माइनर मिनरल्स की नीलामी, अप-फ्रंट पेमेंट और प्रीमियम राशि से प्राप्त हुई।
हालांकि, इस वर्ष मेजर मिनरल्स जैसे चाइना क्ले और क्वार्टजाइट के 7 ब्लॉकों की नीलामी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। दूसरी ओर माइनर मिनरल्स के 94 ब्लॉकों में से 64 की सफल नीलामी हुई, जिससे 9.42 करोड़ रुपए की प्रीमियम आय हुई।
विभाग ने अवैध खनन के खिलाफ भी सख्ती दिखाई। अक्टूबर तक 16 अवैध खनन, 85 निर्गमन और 6 भंडारण के मामले दर्ज किए गए। कार्रवाई में 55 ट्रैक्टर, 33 डंपर और 10 मशीनें जब्त कर 1.40 करोड़ रुपए की वसूली की गई। पिछले साल की तुलना में मामलों की संख्या कम रही, लेकिन विभाग का फोकस निगरानी और नियंत्रण पर बना हुआ है।