अब शिक्षक मिनटों में बनाएंगे लेसन प्लान, छात्रों की कमजोरियां भी बताएगी तकनीक

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सरकारी स्कूलों में AI क्रांति: पहले चरण में 10 जिलों के एक लाख शिक्षकों को मिलेगा प्रशिक्षण
उदयपुर, 19 जुलाई:
राजस्थान सरकार सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को कक्षा शिक्षण का हिस्सा बनाने जा रही है। इस महत्वाकांक्षी पहल के तहत पहले चरण में प्रदेश के 10 जिलों के करीब एक लाख शिक्षकों को AI आधारित प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसकी शुरुआत उदयपुर स्थित राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (RSCERT) में आयोजित राज्यस्तरीय प्रशिक्षण से हुई, जिसमें प्रदेश की 34 जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (DIET) के फैकल्टी सदस्यों को प्रशिक्षित किया गया।
AI तकनीक की मदद से शिक्षक कुछ ही मिनटों में लेसन प्लान तैयार कर सकेंगे, विद्यार्थियों की क्षमता के अनुरूप गतिविधियां विकसित करेंगे और मूल्यांकन के आधार पर यह भी पता लगा सकेंगे कि किस छात्र को किस विषय में अतिरिक्त मार्गदर्शन की जरूरत है। इससे शिक्षकों का प्रशासनिक कार्यभार कम होगा और वे विद्यार्थियों के साथ अधिक गुणवत्तापूर्ण समय व्यतीत कर सकेंगे।
प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को AI के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग के साथ साइबर सुरक्षा, डिजिटल साक्षरता और तथ्य जांच (फैक्ट वेरिफिकेशन) की भी जानकारी दी जा रही है। वहीं विद्यार्थियों को भी AI की कार्यप्रणाली, उसकी सीमाओं और जिम्मेदार उपयोग के प्रति जागरूक किया जाएगा।
RSCERT की निदेशक श्वेता फगेड़िया ने कहा कि AI शिक्षक का विकल्प नहीं बल्कि सहयोगी है, जो शिक्षण को अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाएगा। पिरामल फाउंडेशन के प्रोग्राम मैनेजर राहुल शर्मा ने बताया कि फिलहाल एनसीईआरटी और सीबीएसई के मॉड्यूल के आधार पर पायलट प्रोजेक्ट संचालित होगा, जबकि भविष्य में RSCERT राजस्थान की आवश्यकताओं के अनुरूप अपना AI पाठ्यक्रम तैयार करेगा।
AI से शिक्षा में होंगे ये बड़े बदलाव
1 लाख शिक्षकों को पहले चरण में AI का प्रशिक्षण मिलेगा।
AI की मदद से मिनटों में लेसन प्लान और प्रश्नपत्र तैयार होंगे।
हर छात्र की विषयवार कमजोरियों का विश्लेषण संभव होगा।
छात्रों को AI, साइबर सुरक्षा और डिजिटल साक्षरता की शिक्षा मिलेगी।
माइक्रोसॉफ्ट 80 हजार से अधिक शिक्षकों के प्रशिक्षण और सर्टिफिकेशन में सहयोग करेगा।
भविष्य में RSCERT राजस्थान का अपना AI पाठ्यक्रम तैयार करेगा।
उद्देश्य शिक्षण को डेटा आधारित, व्यक्तिगत और अधिक प्रभावी बनाना है।