कुमावत समाज ने स्वतंत्र पहचान को लेकर किया संघर्ष का ऐलान

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पांच सूत्रीय मांगों को लेकर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
उदयपुर, 11 मई:
भारतीय क्षत्रिय कुमावत समाज ने सरकारी रिकॉर्ड में अपनी मौलिक पहचान दर्ज कराने की मांग को लेकर सोमवार को उदयपुर में प्रदर्शन किया और निर्णायक संघर्ष का ऐलान किया। समाज के प्रतिनिधियों ने जिला कलेक्टर के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम पांच सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।
युवा शक्ति प्रदेश मंत्री एडवोकेट भरत कुमावत ने कहा कि समाज वर्ष 1946 से संगठित रूप से कार्य कर रहा है, लेकिन अब तक सरकारी स्तर पर उसकी स्वतंत्र पहचान को मान्यता नहीं मिली है। समाज ने आरोप लगाया कि वर्षों से उनकी मांगों की अनदेखी की जा रही है।
ज्ञापन में जातिगत जनगणना में कुमावत समाज की अलग पहचान दर्ज करने, स्थापत्य कला बोर्ड का पुनर्गठन, शिल्पकारों के लिए प्रोत्साहन योजनाएं, सिलिकोसिस पीड़ितों को स्वास्थ्य सुविधाएं और बोर्ड अध्यक्ष की नियुक्ति की मांग उठाई गई।
बैठक में जिला अध्यक्ष सूर्य प्रकाश घोड़ेला, प्रवासी समाज अध्यक्ष हरीश आसिवाल और राष्ट्रीय जनगणना मंत्री हरि सिंह घटेलवाल सहित विभिन्न पंचायतों और समाज संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। समाज ने राष्ट्रीय स्तर पर संघर्ष समिति गठन कर आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया।