हल्दीघाटी विजय के ‘सत्य इतिहास’ को जन-जन तक पहुंचाने का अवसर : राठौड़
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महाराणा प्रताप जयंती व हल्दीघाटी विजय सार्द्ध चतुःशती उत्सव की तैयारियां तेज, 17 जून को होगी राष्ट्र चेतना संकल्प सभा
उदयपुर, 9 जून: वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप समिति के संपर्क अधिकारी एवं इतिहासविद् हनुमान सिंह राठौड़ ने कहा कि महाराणा प्रताप जयंती और हल्दीघाटी विजय सार्द्ध चतुःशती उत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि इतिहास के उन तथ्यों को समाज के सामने लाने का अवसर है जिन्हें लंबे समय तक विकृत रूप में प्रस्तुत किया गया। उन्होंने कहा कि हल्दीघाटी युद्ध को लेकर फैलाई गई भ्रांतियों को तथ्यों के आधार पर दूर कर समाज को वास्तविक इतिहास से परिचित कराना समय की आवश्यकता है।
प्रताप गौरव केंद्र ‘राष्ट्रीय तीर्थ’ के पद्मिनी सभागार में आयोजित तैयारी बैठक को संबोधित करते हुए राठौड़ ने कहा कि 1947 में देश को स्वराज तो मिला, लेकिन स्वत्व जागरण नहीं हो सका। इसी कारण इतिहास लेखन में कई तथ्यों को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किया गया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आयोजन की व्यवस्थाओं को सूक्ष्मता और समन्वय के साथ निभाने का आह्वान किया।
प्रताप गौरव केंद्र के निदेशक अनुराग सक्सेना ने बताया कि 17 जून को महाराणा भूपाल स्टेडियम स्थित गांधी ग्राउंड में प्रातः 9:30 बजे राष्ट्र चेतना संकल्प सभा आयोजित होगी, जिसे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत संबोधित करेंगे। कार्यक्रम समिति के अध्यक्ष प्रो. भगवती प्रकाश शर्मा और महामंत्री दीपक कुमार शुक्ल ने भी कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया।
सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त रहेगा आयोजन
कार्यक्रम संयोजक सीए महावीर चपलोत ने बताया कि आयोजन को सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त रखने का प्रयास किया जाएगा। अतिथियों के लिए मिट्टी की पानी की बोतलें और कूड़ेदान उपयोग में लिए जाएंगे। 15 जून से गांधी ग्राउंड में तीन दिवसीय प्रदर्शनी भी आयोजित होगी, जिसमें महाराणा प्रताप के शौर्य और मेवाड़ के गौरवशाली इतिहास को चित्रों के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। शहर के प्रमुख चौराहों को भगवा पताकाओं से सजाया जाएगा तथा देशभक्ति गीतों से वातावरण को राष्ट्रभावना से ओतप्रोत किया जाएगा।
