174 यात्रियों की जान बचाने वाली कैप्टन स्मिता मच्छारा को मेवाड़ की धरती से सम्मान, उदयपुर में बनी विशेष ‘174 साहस’ पगड़ी
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उदयपुर, 7 अक्टूबर: फ्लाईदुबई विमान के हाईजैक के प्रयास को नाकाम कर 174 यात्रियों की जान बचाने वाली भारतीय पायलट कैप्टन स्मिता मच्छारा के साहस को मेवाड़ की धरती से सम्मान मिलने जा रहा है। उदयपुर के पगड़ी निर्माताओं ने उनके लिए विशेष पगड़ी तैयार की है, जिसका नाम ‘174 साहस पगड़ी’ रखा गया है। यह पगड़ी केवल सम्मान का प्रतीक नहीं, बल्कि राजस्थान के शौर्य, मेवाड़ की परंपरा और विमानन जगत के साहस को जोड़ने का प्रयास है।
पगड़ी को पारंपरिक भोपालशाही शैली में तैयार किया गया है। इसके डिजाइन में विमानन से जुड़े प्रतीकों के साथ 174 साहस को उकेरा गया है। पगड़ी के रंगों के जरिए भी विशेष संदेश देने का प्रयास किया गया है। केसरिया रंग मेवाड़ और राजस्थान की वीरता का प्रतीक है, जबकि नीला रंग खुले आकाश और विमानन की पहचान को दर्शाता है। तिरंगे की थीम के माध्यम से धरती की वीरता और आकाश के साहस को एक साथ पिरोया गया है।
पगड़ी निर्माताओं जिनेश और जयंती कोठारी ने बताया कि इसे तैयार करने में करीब पांच दिन लगे। कैप्टन स्मिता तक पगड़ी पहुंचाने के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र भेजकर सहयोग मांगा है। साथ ही फ्लाईदुबई, भारत और संयुक्त अरब अमीरात से जुड़े अधिकारियों से भी संपर्क किया गया है। उनका कहना है कि इस पहल का उद्देश्य प्रचार नहीं, बल्कि सम्मान को उसकी वास्तविक हकदार तक पहुंचाना है।
गौरतलब है कि फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड-1073 में कैप्टन स्मिता मच्छारा ने उस समय साहस और धैर्य का परिचय दिया, जब उड़ान के दौरान सह-पायलट पर हमला होने से वे घायल हो गए थे। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी और विमान में सवार यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। इसी साहस के सम्मान में उदयपुर में यह विशेष पगड़ी तैयार की गई है।

