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तिरपाल से नए कमरों तक पहुंची हायला कुई स्कूल की पढ़ाई

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तिरपाल से नए कमरों तक पहुंची हायला कुई स्कूल की पढ़ाई

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आदिवासी मंच ने उठाया था एक कमरे में 102 बच्चों के पढ़ने का मुद्दा, विधायक की 40 लाख की घोषणा के बाद चार कमरे बने, दो और प्रस्तावित
उदयपुर, 19 सितम्बर (फूलशंकर मीणा):
एक कमरा, 102 बच्चे और बाहर तिरपाल के नीचे पढ़ाई… गिरवा तहसील की ग्राम पंचायत सरू के फला हायला कुई स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय की यह तस्वीर अब बदल गई है। आदिवासी मंच की ओर से विद्यालय की समस्या उठाए जाने और इसे प्रशासन व जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाने के बाद यहां चार नए कमरों का निर्माण पूरा हो चुका है। दो और कमरों की स्वीकृति मिल चुकी है।
आदिवासी मंच के संरक्षक नारायणलाल कलासुआ के अनुसार मंच को विद्यालय की बदहाल स्थिति की जानकारी मिली थी। विद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात में भवन उपलब्ध नहीं था। 102 बच्चों के नामांकन के बावजूद एक ही कमरे में विद्यालय संचालित हो रहा था। जगह के अभाव में कई बच्चों को बाहर तिरपाल के नीचे बैठाकर पढ़ाया जाता था। मंच ने इस समस्या को प्रशासन के समक्ष उठाया और समाचार माध्यमों के जरिए भी मामला सामने आया।
इसके बाद स्थानीय विधायक फूलचंद मीणा ने विद्यालय का दौरा कर स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने नए भवन के लिए 40 लाख रुपए की घोषणा की। इसके बाद विद्यालय में चार बड़े कमरों का निर्माण पूरा हुआ। वर्तमान में विद्यालय का नामांकन बढ़कर करीब 120 हो गया है और बच्चे नए भवन में पढ़ाई कर रहे हैं। दो अन्य कमरों का निर्माण भी स्वीकृत बताया गया है।
एक स्कूल बदला, अब दूसरे विद्यालयों की बारी
आदिवासी मंच के जिला अध्यक्ष प्रकाश बरंडा ने बताया कि मंच का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या के अनुरूप भवन, कक्ष और अन्य सुविधाओं की कमी को सामने लाना है। मंच ने ऐसे कई विद्यालयों को चिह्नित कर उनकी समस्याओं के संबंध में जिला कार्यालय में ज्ञापन भी दिए हैं।
मंच की ओर से जरूरतमंद विद्यार्थियों को शैक्षणिक सामग्री, व्हाइट-ग्रीन बोर्ड और खेल सामग्री उपलब्ध कराने के कार्य भी किए जा रहे हैं। मंच का कहना है कि हायला कुई विद्यालय में हुए निर्माण से यह संदेश सामने आया है कि किसी सरकारी विद्यालय की समस्या को लगातार उठाया जाए और प्रशासन व जनप्रतिनिधि उस पर गंभीरता से कार्रवाई करें तो विद्यालय की तस्वीर बदली जा सकती है।
बदलाव एक नजर में
पहले: एक कमरे में 102 बच्चे, बाहर तिरपाल के नीचे पढ़ाई।
अब: चार नए कमरों का निर्माण पूरा।
वर्तमान नामांकन: करीब 120 विद्यार्थी।
घोषणा: नए भवन के लिए 40 लाख रुपए।
आगे: दो और कमरों का निर्माण स्वीकृत।
पहल: आदिवासी मंच ने विद्यालय की समस्या प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के सामने उठाई।

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