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अभद्र बयान पर बढ़ा विवाद, विरोध के बाद भेरूसिंह चौहान ने मांगी माफी

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अभद्र बयान पर बढ़ा विवाद, विरोध के बाद भेरूसिंह चौहान ने मांगी माफी

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विद्या प्रचारिणी सभा में प्रबंधन विवाद गहराया, एडहॉक कमेटी ने थाने में दी शिकायत
उदयपुर, 17 अप्रैल:
विद्या प्रचारिणी सभा उदयपुर में चल रहा प्रबंधन विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। चित्तौड़गढ़ के पूर्व जिला प्रमुख और सभा सदस्य भेरूसिंह चौहान द्वारा प्रधान संरक्षक एवं नाथद्वारा विधायक विश्वराजसिंह मेवाड़ के खिलाफ अभद्र भाषा के प्रयोग के बाद विवाद गहरा गया। बयान पर समाज में तीखी प्रतिक्रिया हुई और विरोध बढ़ने पर भेरूसिंह चौहान को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी पड़ी।
विश्वराजसिंह मेवाड़ द्वारा गठित एडहॉक कमेटी ने भूपालपुरा थाने में शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया कि भेरूसिंह चौहान ने प्रधान संरक्षक के साथ-साथ समिति के अधिवक्ता के लिए भी अमर्यादित और अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल किया। शिकायत में कहा गया कि ऐसे बयान से तनाव और हिंसा भड़क सकती थी, जिससे कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका थी। कमेटी ने उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
विरोध बढ़ने और राजपूत समाज की आपत्ति के बाद भेरूसिंह चौहान ने वीडियो जारी कर माफी मांगी। उन्होंने कहा कि कुछ शब्द अनजाने में गलत निकल गए और उनका उद्देश्य किसी का अपमान करना नहीं था। उन्होंने स्वीकार किया कि संस्था की पीड़ा में शब्दों का चयन गलत हो गया।
तीन दिन पहले भेरूसिंह चौहान ने एडहॉक कमेटी को अवैध बताते हुए विश्वराजसिंह मेवाड़ पर तीखी टिप्पणी की थी। उन्होंने यहां तक कह दिया था कि “अगर किसी ने दादागिरी की तो तलवारें चल जाएंगी।” इस बयान के बाद सभा सदस्यों और समाज में रोष फैल गया।
दरअसल, विवाद की जड़ 54 नए सदस्यों को जोड़ने का मामला है। वर्तमान प्रबंधन का कार्यकाल 12 फरवरी 2026 को समाप्त होने के बाद चुनाव प्रस्तावित थे, लेकिन नए सदस्य जोड़ने पर परिवारवाद के आरोप लगे और मामला अदालत पहुंच गया। कोर्ट के निर्देश के बाद प्रधान संरक्षक विश्वराजसिंह मेवाड़ ने 3 सदस्यीय एडहॉक कमेटी गठित की, जिसमें बाद में 8 और सदस्य जोड़े गए। इसी फैसले के विरोध में दिया गया बयान अब सभा के भीतर गहराते टकराव का कारण बन गया है।

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