LOADING

Type to search

सैनिक बेटे के अंतिम दर्शन कर बिलख उठा परिवार

Local

सैनिक बेटे के अंतिम दर्शन कर बिलख उठा परिवार

Share

3 साल की बेटी की पुष्पांजलि ने नम कर दीं आंखें
दिल्ली में हार्ट अटैक से जवान पहलवान गुर्जर का निधन, गांव में तिरंगा यात्रा के साथ हुआ अंतिम संस्कार
चित्तौड़गढ़, 17 अप्रैल:
देश सेवा में तैनात जवान पहलवान गुर्जर की पार्थिव देह शुक्रवार को जैसे ही उनके पैतृक गांव धीरजी का खेड़ा पहुंची, पूरा गांव शोक में डूब गया। तिरंगे में लिपटे बेटे का शव देखते ही पिता रामलाल गुर्जर फफक पड़े, जबकि मां उदी बाई और पत्नी विद्या पार्थिव देह पर सिर रखकर रोने लगीं। सबसे भावुक पल तब आया जब तीन साल की मासूम बेटी ने अपने पिता को पुष्पांजलि अर्पित की। यह दृश्य देख वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं।
29 वर्षीय पहलवान गुर्जर की नई दिल्ली में पोस्टिंग थी। ड्यूटी के दौरान तबीयत बिगड़ने पर उन्हें आर्मी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां गुरुवार सुबह हार्ट अटैक से उनका निधन हो गया। सूचना मिलते ही परिजन दिल्ली पहुंचे और पार्थिव देह को गांव लाया गया।
शुक्रवार सुबह चित्तौड़गढ़ पहुंचने के बाद सेना के वाहन में जवान की पार्थिव देह को धीरजी का खेड़ा ले जाया गया। गांव के होड़ा चौराहे से लेकर घर तक करीब 8 किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा निकाली गई। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण तिरंगा लेकर ‘भारत माता की जय’ और ‘पहलवान गुर्जर अमर रहे’ के नारे लगाते हुए साथ चले।
गांव पहुंचने पर सेना की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। पिता रामलाल और बड़े भाई रमेश गुर्जर ने चिता को मुखाग्नि दी।
पहलवान गुर्जर 2017 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। बचपन से सेना में जाने का सपना देखने वाले पहलवान दूसरे प्रयास में सफल हुए थे। पिता ने बताया कि बेटा रोज ड्यूटी के बाद फोन करता था और परिवार की चिंता करता था। उसके असमय निधन से गांव ही नहीं, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *