भील प्रदेश की मांग फिर तेज, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
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सलूम्बर, 16 जुलाई: अलग भील प्रदेश राज्य के गठन की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। गुरुवार को भील प्रदेश मुक्ति मोर्चा ने सलूम्बर और झल्लारा में प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपते हुए संवैधानिक प्रक्रिया शुरू करने की मांग उठाई। ज्ञापन में राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के आदिवासी बहुल क्षेत्रों को मिलाकर अलग भील प्रदेश बनाने का प्रस्ताव रखा गया। मोर्चा का कहना है कि आदिवासी समाज के जल, जंगल, जमीन, भाषा, शिक्षा और राजनीतिक प्रतिनिधित्व जैसे मुद्दों के समाधान के लिए अलग राज्य जरूरी है। संगठन ने 42 सूत्रीय मांगों में भीली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने, विश्व आदिवासी दिवस पर राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने, अनुसूचित क्षेत्रों में प्रतिनिधित्व बढ़ाने तथा जयसमंद क्षेत्र के गांवों के लिए पेयजल परियोजना स्वीकृत करने जैसी मांगें भी शामिल की हैं।
