शहरी क्षेत्र में शत-प्रतिशत टीकाकरण कवरेज पर जोर
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एनयूएचएम सिटी उदयपुर की एमपीआर कार्यशाला में जीरो-डोज बच्चों की पहचान और हाई रिस्क क्षेत्रों की मैपिंग की समीक्षा
उदयपुर, 29 सितंबर: जीएवीआई-जिप (जीरो-डोज इंप्लीमेंटेशन प्लान) के तहत एनयूएचएम सिटी उदयपुर की मासिक प्रगति समीक्षा (एमपीआर) कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें शहर क्षेत्र के सभी चिकित्सा अधिकारी, पीएचएम, एलएचवी और संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों ने भाग लिया। कार्यशाला में नियमित टीकाकरण कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा करते हुए माइक्रोप्लान को लगातार अपडेट और रिव्यू करने पर जोर दिया गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक आदित्य ने बताया कि माइक्रोप्लान में शहर के सभी हाई रिस्क एरिया, प्रवासी क्षेत्रों, वैक्सीन हेजिटेंसी वाले क्षेत्रों और छूटे हुए क्षेत्रों को शामिल कर नियमित मैपिंग सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई। डब्ल्यूएचओ के सर्विलेंस मेडिकल ऑफिसर डॉ. अक्षय व्यास ने जीरो-डोज और संभावित जीरो-डोज बच्चों की पहचान, पेंटा-1, एमआर-1 व एमआर-2 सहित नियमित टीकाकरण कवरेज बढ़ाने पर जानकारी दी।
शहर प्रभारी डॉ. कैलाश शर्मा ने बताया कि प्रत्येक क्षेत्र, बस्ती और परिवार तक टीकाकरण सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना कार्यशाला का प्रमुख उद्देश्य रहा। कम कवरेज वाले क्षेत्रों के लिए क्षेत्रवार कार्ययोजना बनाने पर भी जोर दिया गया।
डिप्टी सीएमएचओ डॉ. विक्रम सिंह ने मौसमी बीमारियों की समीक्षा करते हुए मलेरिया के मरीजों का पूर्ण उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिला क्षय अधिकारी डॉ. प्रणव भावसार ने एनपीएमसीडी कार्यक्रम के तहत शहरी क्षेत्र में फॉलोअप और स्क्रीनिंग के निर्देश दिए।

