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कर्मचारियों ने आर-पार की लड़ाई का किया ऐलान, संक्षिप्त खबरें

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कर्मचारियों ने आर-पार की लड़ाई का किया ऐलान, संक्षिप्त खबरें

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उदयपुर: लंबित भुगतान और विभिन्न सेवा संबंधी मांगों को लेकर अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) ने आंदोलन की चेतावनी दी है। प्रदेशव्यापी आह्वान के तहत महासंघ ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलक्टर को चेतावनी पत्र सौंपा। जिला महामंत्री दिलीप पारख ने बताया कि कर्मचारियों ने सरेंडर लीव का भुगतान, एसीपी का लाभ 8, 16, 24 और 32 वर्ष पर देने तथा सेवानिवृत्त कर्मचारियों के जीपीएफ, बीमा, ग्रेच्युटी, कम्यूटेशन और लीव इनकैशमेंट के भुगतान की मांग उठाई। दीपावली बोनस का मुद्दा भी उठाया गया। जिलाध्यक्ष प्रदीप गर्ग के नेतृत्व में हुए कार्यक्रम में प्रदेश संरक्षक ओमप्रकाश श्रीमाली ने कहा कि मांगें पूरी नहीं होने पर प्रदेशभर में आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान विभिन्न विभागों के पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

कानोड़ में ईओ ने पूर्व पार्षद पर लगाए गंभीर आरोप
उदयपुर:
कानोड़ नगर पालिका में सेवा सेतु अभियान के दौरान हुए विवाद को लेकर ईओ शाहरुख खां ने पूर्व पार्षद बजरंग दास वैष्णव के खिलाफ पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। ईओ ने सरकारी काम में बाधा डालने, कार्यालय में जबरन प्रवेश, गाली-गलौज, जातिसूचक शब्द कहने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, घटना के समय 15 से 20 कर्मचारी और नागरिक मौजूद थे। विवाद नगर पालिका की बाउंड्री वॉल के ठेके से जुड़ा है। ठेकेदार नलपत सिंह सोलंकी के अनुसार, पूर्व ईओ बृजेश मंत्री ने दीवार निर्माण का कार्यादेश जारी किया था, लेकिन काम शुरू नहीं हुआ। बजरंगदास ने 7 जुलाई 2026 को अमानत राशि लेने के लिए रिपोर्ट दी थी। थानाधिकारी भंवरलाल माली ने बताया कि रिपोर्ट मिली है और जांच की जा रही है।

आज लोकार्पित होगा आर्किटेक्ट्स टॉवर
उदयपुर: भारतीय स्थापत्य परंपरा के महान आचार्य सूत्रधार मंडन की स्मृति में निर्मित ‘आर्किटेक्ट्स टॉवर’ का लोकार्पण रविवार, 18 अक्टूबर को शाम 6 बजे शोभागपुरा में होगा। समारोह के मुख्य अतिथि महापौर पारस सिंघवी होंगे। उदयपुर विकास प्राधिकरण की अनुमति से बने टॉवर की परिकल्पना आर्किटेक्ट सुनील एस. लड्ढा और प्रियंका कोठारी ने की है। निर्माण में डॉ. विनोद जेके पोरवाल ट्रस्ट का सहयोग रहा। करीब तीन महीने में तैयार स्मारक में टाइम कैप्सूल स्थापित किया गया है। इसमें प्रस्तावित ऊर्ध्वाधर धूप घड़ी सूर्य की छाया के जरिए समय और खगोलीय विज्ञान की जानकारी देगी। 15वीं शताब्दी के वास्तुविद सूत्रधार मंडन से जुड़े स्थापत्य ग्रंथ भारतीय वास्तु परंपरा के महत्वपूर्ण स्रोत माने जाते हैं। समारोह में मंडन के वंशज भी शामिल होंगे।

बारापाल विद्यालय में एसयूपीडब्ल्यू शिविर का समापन


उदयपुर:
महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, बारापाल में 13 से 17 अक्टूबर तक आयोजित पांच दिवसीय एसयूपीडब्ल्यू शिविर का शनिवार को समापन हुआ। शिविर प्रभारी तारा व्यास के निर्देशन में विद्यार्थियों ने विभिन्न रचनात्मक और कौशल आधारित गतिविधियों में भाग लिया। छात्राओं ने मेहंदी, रंगोली और दीपक सज्जा प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा दिखाई। संस्था प्रधान महेश चन्द्र जोशी ने कहा कि ऐसे शिविर विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक कौशल, अनुशासन, सहयोग और आत्मनिर्भरता सीखने का अवसर देते हैं। प्रथम इंचार्ज ज्योति विजयवर्गीय ने भी सहशैक्षिक गतिविधियों को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए उपयोगी बताया। मीडिया प्रभारी डॉ. पंकज व्यास ने बताया कि शिविर का उद्देश्य रचनात्मकता बढ़ाने और श्रम के प्रति सम्मान विकसित करना है। शिविर में विद्यालय स्टाफ के सदस्यों ने सहयोग किया।

कालकामाता की भजन संध्या में देर रात तक झूमे श्रद्धालु


उदयपुर:
गणेश नगर स्थित कालकामाता मंदिर प्रांगण में कालकामाता मित्र मंडल की ओर से 14वीं विशाल भजन संध्या ‘एक शाम कालकामाता के नाम’ आयोजित की गई। भजन गायक प्रेम शंकर जाट और मनीष मेनारिया की प्रस्तुतियों पर श्रद्धालु देर रात तक झूमते रहे। माताजी, गणेशजी और हनुमानजी की आकर्षक झांकियां आयोजन का विशेष आकर्षण रहीं। मंदिर पुजारी देवेंद्र सिंह गौड़ के अनुसार, कार्यक्रम का शुभारंभ मां कालिका के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और गणेश व गुरु वंदना से हुआ। मनीष मेनारिया ने ‘दुनिया में देव हजारों, हनुमान तुम्हारा क्या कहना’, ‘दर्शन दे दो म्हारी कालका भवानी’ और ‘अंगना पधारो मां कालका भवानी’ सहित कई भजन प्रस्तुत किए। प्रेम शंकर जाट ने भी मां कालका की महिमा का गुणगान किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

देवी भागवत कथा में सेवा और समानता का संदेश

उदयपुर: नारायण सेवा संस्थान के सेवातीर्थ स्थित वर्ल्ड ऑफ ह्यूमैनिटी में आयोजित श्रीमद् देवी भागवत कथा और ‘अपनों से अपनी बात’ कार्यक्रम में संस्थान अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने सेवा, समर्पण, विनम्रता और समानता का संदेश दिया। मां कालरात्रि की महिमा तथा मां सरस्वती से जुड़े प्रसंगों के माध्यम से उन्होंने अहंकार त्यागने और परोपकार की भावना अपनाने की प्रेरणा दी। देवराज इंद्र और देवगुरु बृहस्पति के प्रसंग से बड़ों के सम्मान, जबकि महर्षि दधीचि की कथा से जनकल्याण के लिए त्याग का महत्व बताया। महर्षि याज्ञवल्क्य और मैत्रेयी के संवाद के जरिए धन की अपेक्षा ज्ञान और विवेक को महत्वपूर्ण बताया गया। कथा में वाणी की शुद्धता पर जोर देते हुए कहा गया कि दिव्यांगजनों के लिए दया दर्शाने वाले शब्दों के बजाय सम्मानजनक संबोधन अपनाना चाहिए। संवेदनशील भाषा और समान व्यवहार समाज की जिम्मेदारी है।

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