दिमागी बुखार ने ली 3 और मासूमों की जान, आंकड़ा 8 पहुंचा
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झल्लारा-लसाड़िया में बढ़ता प्रकोप, जयपुर-उदयपुर की विशेषज्ञ टीमें जांच में जुटीं
उदयपुर, 8 अप्रैल: सलूंबर जिले के झल्लारा और लसाड़िया क्षेत्र में वेक्टर बॉर्न डिजीज यानी दिमागी बुखार के तहत एक्यूट एन्सेफलाइटिस सिंड्रोम (AES) रहस्यमयी बीमारी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को तीन और बच्चों की मौत के साथ पिछले सात दिनों में मृतकों की संख्या बढ़कर 8 हो गई है। लगातार हो रही मासूमों की मौतों से क्षेत्र में दहशत का माहौल है, वहीं प्रशासन और चिकित्सा विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ रहे बच्चे
सीएमएचओ डॉ. महेन्द्र कुमार परमार के अनुसार दोनों बच्चों को परिजन मृत अवस्था में ही अस्पताल लेकर पहुंचे थे। झल्लारा के आमलोदा निवासी 4.5 वर्षीय रौनक को उल्टी के बाद घर पर सिरप दी गई, लेकिन हालत बिगड़ने पर अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों के अनुसार, बच्चे को अचानक बुखार, घबराहट और शरीर जकड़ने जैसे लक्षण भी हुए थे।
वहीं, लसाड़िया क्षेत्र के कालीभीत गांव का 2 माह का बंशी भी दस्त की शिकायत के बाद पहले निजी अस्पताल में भर्ती रहा, लेकिन सुधार नहीं होने पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
24 घंटे में बिगड़ रही हालत, छोटे बच्चों पर ज्यादा असर
इससे पहले 2 से 6 अप्रैल के बीच पांच बच्चों की मौत हो चुकी है। सभी मामलों में बुखार, उल्टी और दस्त के लक्षण सामने आए और 24 घंटे के भीतर बच्चों की मौत हो गई। मृतकों की उम्र 2 से 4 साल के बीच बताई जा रही है।
500 परिवारों का सर्वे, 20 बच्चों में हल्के लक्षण
जयपुर और उदयपुर से पहुंची विशेषज्ञ टीमों ने 500 से अधिक परिवारों का सर्वे किया है। करीब 20 बच्चों में हल्के बुखार के लक्षण मिले, जिन्हें दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। प्रशासन ने क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी है और बीमारी के कारणों की गहन जांच जारी है।
5 बच्चों की मौत अब भी रहस्य: सलूंबर में दहशत, जांच रिपोर्ट पर उठे सवाल

लसाड़िया के लालपुरा-घाटा गांव में मातम, परिजन बोले—सच्चाई क्यों छुपा रहे डॉक्टर्स?
सलूंबर जिले के लसाड़िया क्षेत्र में रहस्यमयी बीमारी से पांच दिनों में पांच मासूमों की मौत ने पूरे इलाके को दहला दिया है। 2 से 4 वर्ष की उम्र के बच्चों की अचानक मौत और अब तक स्पष्ट कारण सामने नहीं आने से सैकड़ों परिवार दहशत में हैं। परिजनों का आरोप है कि अस्पतालों ने जांच रिपोर्ट तक उपलब्ध नहीं कराई, जिससे आशंकाएं और गहरा गई हैं।
एक जैसे लक्षण, 24 घंटे में मौत
लालपुरा और घाटा गांव में हुई इन मौतों में सभी बच्चों को पहले बुखार, फिर उल्टी-दस्त और कुछ मामलों में शरीर अकड़ने जैसे लक्षण दिखाई दिए। हालत तेजी से बिगड़ी और 24 घंटे के भीतर बच्चों ने दम तोड़ दिया। मृतकों में दो सगे भाई दीपक (4) और लक्ष्मण (3) भी शामिल हैं।त्र
परिवारों का दर्द: आंखों के सामने बुझ गए चिराग
लालपुरा निवासी मानाराम के दोनों बेटों की कुछ दिनों के अंतराल में मौत हो गई। परिजनों के अनुसार, अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल ले जाते समय ही बच्चों की जान चली गई। घाटा गांव में भी काजल (2) और राहुल (4) की मौत ने परिवारों को तोड़ दिया। परिजनों का कहना है कि उदयपुर अस्पताल में जांच के बाद भी रिपोर्ट उन्हें नहीं दी गई।
8 बच्चे अभी बीमार, टीमें अलर्ट पर
चिकित्सा विभाग ने गांवों में व्यापक स्क्रीनिंग अभियान चलाया है। अब तक 500 से अधिक परिवारों की जांच में 8 बच्चों में संदिग्ध लक्षण पाए गए हैं, जिन्हें सलूंबर और उदयपुर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी भी चिंता का कारण
लसाड़िया-धरियावद क्षेत्र में 30 किलोमीटर के दायरे में केवल एक उपस्वास्थ्य केंद्र होने से समय पर इलाज नहीं मिल पाने की समस्या भी सामने आई है। ग्रामीणों ने धामनिया में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने की मांग उठाई है।
रिपोर्ट का इंतजार, प्रशासन की अपील
प्रशासन ने सैंपल जांच के लिए भेजे हैं और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि लक्षण दिखते ही तुरंत अस्पताल जाएं और अफवाहों से दूर रहें।
8 और नए बच्चे भर्ती

सलूंबर जिले के लसाड़िया ब्लॉक के घाटा और लालपुरा गांव में रहस्यमयी बीमारी का खतरा लगातार बना हुआ है। मंगलवार को आठ और बच्चों में बुखार व उल्टी जैसे लक्षण सामने आए हैं। इससे पहले इस बीमारी से 5 बच्चों की मौत हो चुकी है, जिनकी हालत अचानक बिगड़ने के 24 घंटे के भीतर मौत हो गई थी। स्वास्थ्य विभाग ने क्षेत्र में 17 मेडिकल टीमें तैनात कर दी हैं, जो घर-घर जाकर जांच और सैंपलिंग कर रही हैं। सलूंबर पीएमओ डॉ. राजेश दोषी के अनुसार, बच्चों में तेज बुखार के लक्षण पाए गए हैं और शिशु रोग विशेषज्ञ लगातार निगरानी कर रहे हैं। प्राथमिक उपचार के बाद 5 बच्चों को उदयपुर जिला अस्पताल और 3 को सलूंबर जिला अस्पताल रेफर किया गया है। सभी के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं।
अज्ञात बीमारी से पीडित बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी लेने सांसद डॉ रावत अस्पताल पहुंचे

सलूंबर जिले में अज्ञात बीमारी से पीड़ित हुए बच्चों के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी लेने सांसद डॉ मन्नालाल रावत बुधवार को महाराणा भूपाल अस्पताल पहुंचे। सांसद डॉ रावत ने अस्पताल अधीक्षक डॉ आर एल सुमन तथा वार्ड में इलाज कर रहे चिकित्सकों से बच्चों के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली और कहा कि सभी को बेहतर चिकित्सा उपलब्ध करवाने में भी कोई कमी नहीं रखे। उन्होंने बच्चों के परिजनों से भी चर्चा की और यह जानने की कोशिश की कि बीमारी की वजह आखिर क्या रही। उन्होंने परिजनों को भी आश्वासन दिया कि बच्चों के इलाज में कोई कमी नहीं रहेगी। उल्लेखनीय है कि सांसद डॉ रावत ने क्षेत्र में बीमारी को लेकर अनुसंधान कर रही टीम से भी चर्चा की और जल्दी इसके परिणाम लाने को कहा ताकि दूसरे बच्चे प्रभावित नहीं हो।
